हसदेव एक्सप्रेस न्यूज कोरबा। आकांक्षी जिला कोरबा में सबसे चर्चित जिला सहकारी केंद्रीय बैंक पाली का शाखा एसीबी के रेड के पौने 2 साल बाद एक बार फिर सुर्खियों में हैं। यहाँ पदस्थ प्रभारी ब्रांच मैनेजर (शाखा प्रबंधक) ब्रांच मैनेजर के साथ पर्यवेक्षक की दोहरा दायित्व का निर्वहन कर रहे। विपरीत पदों के कार्यदायित्व ,वित्तीय पारदर्शिता को लेकर उठ रहे सवालों के समाधान की जगह जिला सहकारी केंद्रीय बैंक शिकायत के इंतजार में बैठा इस प्रशासनिक अव्यवस्था को मौन स्वीकृति प्रदान कर रहा। जिससे जिम्मदारों की नीयत पर सवाल उठ रहे।

यहाँ बताना होगा कि जिला सहकारी केंद्रीय बैंक बिलासपुर की शाखा पाली में एसीबी (एंटी करप्शन ब्यूरो) ने 22 अप्रैल 2024 को भ्रष्टाचार के मामले में रेड मारकर किसान से धान के भुगतान के एवज में तत्कालीन शाखा प्रबंधक अमित दुबे व तत्कालीन कैशियर आशुतोष तिवारी को 5 हजार रुपए रंगे हाथों रिश्वत लेते गिरफ्तार किया था। उसके उपरांत बैंक के पर्यवेक्षक रमन कश्यप को पाली ब्रांच का प्रभारी ब्रांच मैनेजर की जिम्मेदारी दी गई है। लेकिन इसके उपरांत कायदे से बैंक मुख्यालय द्वारा पर्यवेक्षक की पदस्थापना की जानी थी।लेकिन ऐसा न कर ब्रांच मैनेजर को ही पर्यवेक्षक की दोहरी जिम्मेदारी दी गई है। जबकि पर्यवेक्षक का कार्यदायित्व व ब्रांच मैनेजर का कार्य दायित्व में व्यापक अंतर है।पर्यवेक्षक के परीक्षण ,सत्यापन उपरांत प्रेषित ऋण प्रकरणों के स्वीकृति का दायित्व ब्रांच मैनेजर की होती है। दोनों की यूजर आईडी भी पृथक पृथक होती है। बावजूद इसके एकमात्र अधिकारी को दोहरा दायित्व दिए जाने से समस्त बैंकिंग वित्तीय कार्यों में पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे।

👉CEO को शिकायत का इंतजार ,बोले अमले की कमी पर दी जा सकती है व्यवस्था
जबकि इस तरह की व्यवस्था जिला सहकारी केंद्रीय बैंक बिलासपुर के किसी भी शाखा में नहीं है। जिससे जिम्मेदार अधिकारियों पर प्रश्रय दिए जाने की आशंकाओं को और बल मिल रहा। सीईओ बैंक में अमले की कमी पर विशेष परिस्थितियों में इस तरह की व्यवस्था को न्यायोचित ठहरा रहे। हटाए जाने के लिए शिकायत के इतंजार में बैठे हैं । जबकि जिस ब्रांच में भ्रष्टाचार के मामले में एसीबी की रेड में पुष्टि हो चुकी है ,उसकी सर्वथा अनदेखी कर उसी ब्रांच के पर्यवेक्षक को ब्रांच मैनेजर का प्रभार दे दिया गया। बैंक में किसान भेदभावपूर्ण भुगतान , आदि अव्यवस्थाओं से जूझ रहे ,चेहरा देखकर अधिक राशि दी जा रही। पड़ताल में इसकी पुष्टि भी हो चुकी है।
वर्जन
अमले की कमी है ,व्यवस्थान्तर्गत दिया जा सकता है दोहरा दायित्व ,शिकायत हो तो बतावें
अमले की कमी पर व्यवस्थान्तर्गत दोहरा दायित्व दिया जा सकता है। अगर ब्रांच मैनजर के विरुद्ध कोई शिकायत प्राप्त हुई हो तो बतावें।कर्मचारियों की भर्ती जल्द की जाएगी।
प्रभात मिश्रा,सीईओ,जिला सहकारी केंद्रीय बैंक ,बिलासपुर (छग)
