KORBA : धान नहीं बेच पाने से परेशान एक और किसान ने पीया कीटनाशक, सतर्कता से बची जान,उठ रहे सवाल ! शासन से तत्काल सार्थक पहल की दरकार ….

कोरबा । आकांक्षी जिला कोरबा में त्रुटिपूर्ण गिरदावरी की वजह से रकबा संशोधन की गुहार लगाए जाने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं होने से टोकन नहीं कटने पर शासन को समर्थन मूल्य पर धान नहीं बेच पाने से निराश किसानों का आत्मघाती कदम उठाए जाने का सिलसिला दूसरे दिन भी जारी है। आज एक और किसान ने आत्महत्या की कोशिश की है। बताया जा रहा है कि पीड़ित किसान ने हरदीबाजार तहसील कार्यालय के पास कीटनाशक का सेवन कर लिया। जिसके बाद आनन फानन में उसे स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया। घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे हुए है। आपको बता दे एक दिन पहले भी इसी क्षेत्र के एक किसान ने धान का टोकन नही कटने से परेशान होकर कीटनाशक का सेवन कर लिया था।2 दिन में दूसरी आत्मघाती कदम ने सरकार और सिस्टम पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। शासन स्तर पर त्वरित सार्थक पहल की दरकार महसूस की जा रही है,ताकि ऐसे घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो ।

जानकारी के मुताबिक ये पूरा मामला हरदीबाजार पुलिस थाना क्षेत्र का है। यहां के ग्राम झाँझ में 60 वर्षीय बैसाखू गोंड का परिवार निवास करता है। आज दोपहर बैसाखू गोंड ने हरदीबाजार तहसील कार्यालय पहुंचा था। कुछ देर बाद किसान ने तहसील कार्यालय के बाहर आकर कीटनाशक का सेवन कर लिया। घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर हड़कंप मच गया। आनन फानन में किसान को हरदीबाजार स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया।

जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी हालत खतरे से बाहर बतायी जा रही है। वहीं किसान के इस आत्मघाती कदम का कारण धान बिक्री में आ रही समस्या बताया जा रहा है। स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि पीड़ित किसान बैसाखू गोंड ने धान की फसल लगायी थी। लेकिन गिरदावरी में रकबा कम दर्ज करने के साथ ही अन्य त्रुटि की गयी। जिससे किसान को धान बेचने में समस्या का सामना करना पड़ रहा था। जिससे परेशान होकर किसान ने ये आत्मघाती कदम उठा लिया।

वहीं इस घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी हरदीबाजार स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। आपको बता दे एक दिन पहले ही हरदीबाजार तहसील के ग्राम कोरबी निवासी एक आदिवासी किसान ने टोकन नही कटने से परेशान होकर कीटनाशक का सेवन कर लिया था। इस घटना के बाद कोरबा कलेक्टर कुणाल दुदावत ने किसान के गिरदावरी में गड़बड़ी की सुधार में लेटलतीफी करने वाले पटवारी को सस्पेंड कर दिया था। इसके साथ ही तहसीलदार और समिति प्रबंधन को नोटिस जारी किया गया है।

👉तत्काल पहल की दरकार ,सुध ले साय सरकार

2 दिन के भीतर 2 किसानों के द्वारा त्रुटिपूर्ण गिरदावरी में सुधार ,सत्यापन नहीं होने से धान विक्रय संबंधी समस्याओं के चलते आत्मघाती कदम उठाए जाने की घटना से न केवल उर्जानगरी वरन पूरे प्रदेश में हड़कम्प मच गया है। त्रुटिपूर्ण गिरदावरी से रकबा में धान की मात्रा कम होने व धान की प्रविष्टि नहीं हो पाने जैसी समस्याओं वाले किसानों की संख्या 2 दर्जन से अधिक हैं। जो कलेक्टर जनदर्शन में गुहार तक लगा चुके हैं। ऐसे किसानों का धैर्य अब टूटने लगा है और वे आत्मघाती कदम उठा रहे हैं। निसन्देह ऐसा कदम उठाया जाना उचित नहीं न ही समस्या का निदान है। वहीं शासन स्तर पर त्वरित उचित पहल की दरकार है ,ताकि ऐसे घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोका जा सके। नहीं तो आने वाले वक्त में किसानों का यह आत्मघाती कदम प्रदेश का सियासी केंद्र बिंदू बन जाएगा।