KORBA : किसान की आत्महत्या के प्रयास का धान खरीदी से कोई संबंध नहीं ,प्रशासन की जांच में भूमि पाई गई पड़ती ,नहीं ली गई थी कोई भी फसल ….

कोरबा। एकीकृत पोर्टल में त्रुटिपूर्ण गिरदावरी की वजह से फसल प्रविष्टि नहीं हो पाने के कारण कल सोमवार को किसान द्वारा आत्महत्या के किए गए प्रयास संबंधी खबर में एक नया मोड़ आया है। प्रशासन की संयुक्त टीम की जांच में किसान के आत्महत्या का प्रयास की वजह धान की बिक्री नहीं होने संबंधी तथ्य आधारहीन ,भ्रामक पाए गए हैं। मौका निरीक्षण में किसान की भूमि ही पड़ती पाई गई।

गौरतलब हो कि कल 12 जनवरी को सुमेर सिंह, पिता त्रिलोक सिंह, निवासी ग्राम पूटा, तहसील हरदीबाजार द्वारा आत्महत्या के प्रयास की घटना के संबंध में विभिन्न समाचार एवं मीडिया माध्यमों द्वारा यह प्रकाशित किया गया कि यह कदम उनके द्वारा धान विक्रय में आ रही कथित परेशानियों के कारण उठाया गया।

उक्त समाचारों की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन द्वारा तत्परता से जांच कराई गई। जांच उपरांत यह तथ्य सामने आया कि सुमेर सिंह के नाम पर ग्राम पूटा, तहसील हरदीबाजार में खसरा नंबर 270/2 रकबा 0.202 हेक्टेयर एवं खसरा नंबर 219/2 रकबा 1.315 हेक्टेयर भूमि दर्ज है।

उक्त भूमि का मौके पर निरीक्षण अपर कलेक्टर कोरबा (प्रभारी भू-अभिलेख शाखा), डिप्टी कलेक्टर, तहसीलदार, संबंधित हल्का पटवारी, भूमि विक्रेता श्री जयनारायण गोंड़, ग्राम सरपंच, उप-सरपंच एवं ग्रामवासियों की उपस्थिति में किया गया। मौका निरीक्षण के दौरान तैयार पंचनामा तथा लिये गये फोटोग्राफ्स से यह स्पष्ट रूप से पाया गया कि उक्त भूमि खरीफ मौसम 2026 में पड़ती थी तथा उस पर खरीफ मौसम के दौरान किसी भी प्रकार की धान अथवा अन्य कोई फसल नहीं लगी हुई है, जिसकी पुष्टि मौके पर उपस्थित सरपंच, उपसरपंच तथा ग्रामवासियों ने की है।

अतः यह स्पष्ट किया जाता है कि आत्महत्या के प्रयास को धान विक्रय से जोड़कर प्रकाशित किया गया समाचार तथ्यात्मक रूप से भ्रामक एवं निराधार है। प्रशासन द्वारा की गई जांच में इसका कोई भी आधार नहीं पाया गया है।