दिल्ली । आज पूरा देश अपना 77वां गणतंत्र दिवस पूरे हर्षोल्लास और देशभक्ति के साथ मना रहा। कर्तव्य पथ पर आयोजित भव्य परेड में देश की सैन्य शक्ति, सांस्कृतिक विविधता और तकनीकी प्रगति का अद्भुत संगम पेश किया गया।
इस बार के गणतंत्र दिवस समारोह का मुख्य विषय ‘वंदे मातरम’ की 150वीं वर्षगांठ को समर्पित रहा, जिसने पूरे आयोजन में देशभक्ति की एक अनूठी भावना भर दी। दिल्ली के कर्तव्य पथ पर चले करीब 97 मिनट के खास आयोजन में 29 एयरक्राफ्ट शामिल हुए। इस दौरान राफेल से सूर्यास्त्र तक की शान की गवाह पूरी दुनिया बनी है। गणतंत्र दिवस परेड की 10 बड़ी बातें जान लीजिए।
👉कर्तव्य पथ पर ‘सर्वत्र सुरक्षा’ का प्रदर्शन
कर्तव्य पथ पर परेड की शुरुआत ‘सर्वत्र सुरक्षा’ नाम के एक विशेष सैन्य फॉर्मेशन से हुई। इसमें भारतीय सेना, नौसेना, वायु सेना और अर्धसैनिक बलों के बीच अद्भुत तालमेल और शक्ति का प्रदर्शन किया गया। इन वीर जवानों ने अनुशासित और सटीक फॉर्मेशन में मार्च किया, जो उनकी परिचालन तत्परता और राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
👉’वंदे मातरम’ की 150वीं वर्षगांठ
गणतंत्र दिवस समारोह के महत्वपूर्ण हिस्से के तौर पर देशभक्ति गीत ‘वंदे मातरम्’ की 150वीं वर्षगांठ को लेकर विशेष आयोजन किया गया। लगभग 2,500 कलाकारों ने संगीत और नृत्य के माध्यम से इस गीत के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व को जीवंत किया। यह गीत भारत के स्वतंत्रता संग्राम के दौरान एक प्रेरणादायक नारा बना था। दर्शकों और गणमान्य व्यक्तियों ने इस भव्य प्रस्तुति को देखा, जिसने ‘वंदे मातरम’ की विरासत और राष्ट्रीय गौरव को प्रेरित करने में इसकी स्थायी भूमिका का जश्न मनाया।
👉अलग-अलग राज्यों के लोक नृत्यों का प्रदर्शन
कर्तव्य पथ पर एक शानदार सांस्कृतिक प्रस्तुति हुई, जिसमें भारत के सभी राज्यों के पारंपरिक नृत्यों को प्रदर्शित किया गया। रंग-बिरंगे परिधानों में सजे कलाकारों ने क्षेत्रीय कला रूपों की एक जीवंत झलक पेश की, जो देश की विविध सांस्कृतिक विरासत का उत्सव मना रही थी। दर्शकों और गणमान्य व्यक्तियों ने इन रंगीन प्रदर्शनों को देखा, जिन्होंने गणतंत्र दिवस समारोह में ऊर्जा, लय और एकता का संचार किया।
👉बीएसएफ का ऊंट बैंड
सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) का ऊंट बैंड कर्तव्य पथ पर ‘हम हैं सीमा सुरक्षा बल’ नामक देशभक्ति धुन बजाता हुआ मार्च कर रहा था। ऊंटों को विशेष रूप से सजाया गया था, और यह बैंड दर्शकों के बीच काफी लोकप्रिय हुआ। इसने सीमा सुरक्षा बल की सांस्कृतिक पहचान और सीमा पर उनकी भूमिका को प्रदर्शित किया। इस लयबद्ध प्रदर्शन ने परेड में रंग और विशिष्टता जोड़ी।
👉सिंदूर’ फॉर्मेशन में वायु सेना के फाइटर जेट
भारतीय वायु सेना ने ‘सिंदूर’ नामक एक शानदार फॉर्मेशन का प्रदर्शन किया, जिसमें दो राफेल जेट, दो सुखोई-30 एमकेआई, दो मिग-29 लड़ाकू विमान और एक जगुआर शामिल थे। इस मिश्रित फॉर्मेशन ने वायु सेना की परिचालन विविधता और हवाई समन्वय का प्रदर्शन किया, जिसने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। यह फ्लाईपास्ट भारत की उन्नत लड़ाकू विमानन क्षमताओं को रेखांकित करता है और समारोह का एक नाटकीय आकर्षण था।
👉भारतीय नौसेना बैंड: ‘जय भारती’ की धुन पर मार्च
जैसे-जैसे परेड आगे बढ़ रही थी, भारतीय नौसेना का बैंड ‘जय भारती’ की जोशीली धुन पर मार्च कर रहा था। इस जीवंत रचना ने समारोह के माहौल को और भी बढ़ा दिया और दर्शकों की सराहना बटोरी। बैंड की समन्वित चालें और संगीतमय प्रतिभा नौसेना के सांस्कृतिक और औपचारिक अनुशासन को उजागर कर रही थी, साथ ही 77वें गणतंत्र दिवस की देशभक्ति की भावना में योगदान दे रही थी।
👉ऑपरेशन सिंदूर: मॉडर्न हेलीकॉप्टरों का प्रदर्शन
इस गणतंत्र दिवस पर, स्वदेशी एडवांस्ड लाइट हेलीकॉप्टर (ALH) ध्रुव, जो लंबी दूरी के रडार और दिन-रात कैमरे से लैस हैं, कर्तव्य पथ पर उड़ाए गए। ये हेलीकॉप्टर घने छलावरण के तहत भी लक्ष्यों का पता लगाने में सक्षम हैं। इन हेलीकॉप्टरों पर ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का झंडा भी था, जिसे कर्नल विजय प्रताप, सेना मेडल ने उड़ाया।
👉’सूर्यअस्त्र’ और ‘ब्रह्मोस’: भारत की मिसाइल शक्ति का प्रदर्शन
भारत ने अपनी बढ़ती स्वदेशी रक्षा प्रौद्योगिकियों पर ध्यान केंद्रित करते हुए, गणतंत्र दिवस परेड में ‘सूर्यअस्त्र’ और ‘ब्रह्मोस’ नामक दो महत्वपूर्ण मिसाइल क्षमताओं का प्रदर्शन किया। ‘सूर्यअस्त्र’ एक उन्नत एंटी-रेडिएशन मिसाइल प्रणाली है, जिसे दुश्मन के रडार प्रतिष्ठानों को ट्रैक करने और बेअसर करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। ‘ब्रह्मोस’, भारत और रूस द्वारा संयुक्त रूप से विकसित दुनिया की सबसे तेज सुपरसोनिक क्रूज मिसाइलों में से एक है, जो भारत की लंबी दूरी की सटीक मारक क्षमता का प्रदर्शन करती है।
👉दुनिया ने देखी भारत की सैन्य शक्ति
गणतंत्र दिवस परेड में, कर्तव्य पथ पर भारत की सैन्य शक्ति का व्यापक प्रदर्शन किया गया। बख्तरबंद वाहन, मिसाइल सिस्टम, तोपें और रक्षा स्वदेशीकरण परियोजनाएं प्रदर्शित की गईं, जो देश की बढ़ती सैन्य क्षमताओं को रेखांकित करती हैं। सटीक हेलीकॉप्टर फ्लाईपास्ट और वायु सेना के फॉर्मेशन के साथ, इस प्रदर्शन ने रक्षा उत्पादन में भारत के आधुनिकीकरण और आत्मनिर्भरता पर ध्यान केंद्रित करने को उजागर किया।
👉अपाचे हेलीकॉप्टरों का करतब
77वें गणतंत्र दिवस समारोह के हिस्से के रूप में, अपाचे हेलीकॉप्टरों का एक बेड़ा कर्तव्य पथ के ऊपर उड़ रहा था, जिसने दर्शकों से खूब तालियां बटोरीं। ये विमान समन्वित फॉर्मेशन में उड़ रहे थे, जो सटीक युद्धाभ्यास और परिचालन क्षमता का प्रदर्शन कर रहे थे। इस हवाई प्रदर्शन ने सशस्त्र बलों की ताकत और तैयारी को उजागर किया और समारोह में एक नाटकीय आयाम जोड़ा।
