कोरबा-गेवरा। खान सुरक्षा महानिदेशालय (DGMS) ने कोल इंडिया की सहायक कंपनी SECL द्वारा संचालित गेवरा ओपनकास्ट खदान में हो रही लगातार दुर्घटनाओं और सुरक्षा चूक पर एक विस्फोटक जांच रिपोर्ट जारी की है सांसद प्रतिनिधि (पर्यावरण विभाग) शेत मसीह (आनंद) की शिकायत पर हुई इस जांच में पर्यावरण नियमों की धज्जियां उड़ाने और यातायात प्रबंधन में गंभीर लापरवाही की पुष्टि हुई है ।
👉जांच में हुए प्रमुख खुलासे
DGMS की रिपोर्ट ने SECL प्रबंधन के सुरक्षा दावों की पोल खोल दी है जांच में निम्नलिखित गंभीर कमियां पाई गई हैं:-
👉पर्यावरण नियमों का उल्लंघन:-

कोयला परिवहन के लिए खुले टिपरों का उपयोग किया जा रहा है जो छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल के नियमों के विरुद्ध है ।
👉धूल नियंत्रण प्रणाली फेल:-
निरीक्षण के दौरान 15 फॉग कैनन मशीनों में से केवल 4 चालू हालत में मिलीं सड़कों पर धूल दबाने के लिए पानी के छिड़काव की कोई पर्याप्त व्यवस्था नहीं पाई गई ।
👉यातायात और बुनियादी ढांचे में चूक:-
लाइट मोटर व्हीकल (LMV) के लिए निर्धारित सड़कों का निर्माण अधूरा है कई महत्वपूर्ण क्रॉसिंग पर न तो सुरक्षा बैरियर हैं न सिग्नल लाइट और न ही साइन बोर्ड ।
👉अनाधिकृत प्रवेश:-
खदान के संवेदनशील लोडिंग क्षेत्रों में बाहरी और अनाधिकृत व्यक्तियों की मौजूदगी पाई गई जो सीधे तौर पर सुरक्षा से खिलवाड़ है ।
👉DGMS के कड़े निर्देश और साइंटिफिक ऑडिट
मामले की गंभीरता को देखते हुए DGMS ने प्रबंधन को सख्त हिदायत दी है:-
👉01. स्वतंत्र जांच:- गेवरा खदान की सुरक्षा प्रबंधन योजना (Safety Management Plan) की समीक्षा अब एक स्वतंत्र साइंटिफिक इंस्टीट्यूट द्वारा की जाएगी ।
👉02. डिजिटल निगरानी:- भीड़ कम करने के लिए कंप्यूटरीकृत टोकन सिस्टम और पूरी खदान में CCTV निगरानी अनिवार्य करने के निर्देश दिए गए हैं ।
👉03. अनुपालन रिपोर्ट:- प्रबंधन को सभी उल्लंघन बिंदुओं पर 15 दिनों के भीतर कार्रवाई रिपोर्ट (Compliance Report) प्रस्तुत करने का अल्टीमेटम दिया गया है ।
गेवरा खदान में हो रही मौतें महज इत्तेफाक नहीं बल्कि प्रबंधन की घोर लापरवाही और भ्रष्टाचार का परिणाम हैं अधिकारियों ने पर्यावरण और सुरक्षा नियमों को ताक पर रख दिया है श्रमिकों और ग्रामीणों की जान से खिलवाड़ अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा हमने मृतकों के परिजनों के लिए उचित मुआवजे और स्थायी नौकरी की मांग भी मजबूती से रखी है ।
शेत मसीह (आनंद) सांसद प्रतिनिधि (पर्यावरण विभाग) कोरबा लोकसभा ज्ञात हो कि 9 दिसंबर 2025 को शेत मसीह ने वर्ष 2025 के दौरान खदान में हुई 5 मौतों के बाद DGMS से उच्चस्तरीय जांच की मांग की थी इस रिपोर्ट के आने के बाद अब SECL के उन अधिकारियों पर गाज गिरना तय माना जा रहा है जो लंबे समय से संवेदनशील पदों पर जमे हुए हैं ।
