CG : नई आबकारी नीति में होली के दिन खुली रहेंगी शराब दुकान,जनता हैरान ! सरकार ने कलेक्टरों के पाले में गेंद डाल जिम्मेदारी से झाड़ा पल्ला ….

कोरबा। छत्तीसगढ़ में इस बार होली का त्योहार रंगों से ज्यादा राजनीति के रंग में रंगता नजर आ रहा है। राज्य सरकार की नई आबकारी नीति में होली के दिन शराब दुकानें खुली रखने के निर्णय ने प्रदेश की सियासत को गरमा दिया है। विपक्ष इस फैसले को लेकर सरकार पर निशाना साध रहा है, वहीं सरकार की ओर से आबकारी मंत्री लखनलाल देवांगन ने सफाई दी है कि नीति में कोई बड़ा बदलाव नहीं किया गया है।

कोरबा में मीडिया से चर्चा के दौरान मंत्री देवांगन ने कहा कि जिला कलेक्टर को वर्ष में तीन दिन शराब दुकानें बंद रखने का अधिकार है। कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए यदि आवश्यक समझा जाए तो कलेक्टर अपने विवेकाधिकार से दुकानों को बंद करने का निर्णय ले सकते हैं।

👉कलेक्टर के पाले में गेंद

दरअसल होली में शराब दुकान खुलने को लेकर गरमायी राजनीति के बीच आज कोरबा में आबकारी मंत्री देवांगन से मीडिया ने इस मुद्दे पर सवाल किया गया था। लेकिन आबकारी मंत्री लखनलाल देवांगन ने होली पर दुकानों के संचालन को लेकर सीधे सरकारी निर्णय का बचाव करने के बजाय कलेक्टर के अधिकारों को गिना दिया। ऐसे में अब बड़ा सवाल यह है कि कलेक्टर किस आधार पर दुकानें बंद या खुली रखने का निर्णय लेंगे?

यदि कोई कलेक्टर Collector Responsibility होली के दिन दुकानें बंद करने का फैसला करता है, तो क्या यह सरकार की मंशा के विपरीत माना जाएगा? वहीं यदि दुकानें खुली रहती हैं और कोई अप्रिय स्थिति उत्पन्न होती है, तो जवाबदेही किसकी होगी—प्रशासन की या सरकार की? सरकार का तर्क है कि प्रतिबंध से अवैध शराब बिक्री बढ़ती है और राजस्व का नुकसान होता है।

नियंत्रित बिक्री व्यवस्था से पारदर्शिता बनी रहती है। हालांकि होली जैसे सामाजिक और सांस्कृतिक महत्व के पर्व पर लिए गए इस निर्णय का व्यापक सामाजिक संदेश भी चर्चा का विषय बना हुआ है। फिलहाल मंत्री के बयान के बाद अब सभी की निगाहें त्योहार से ठीक पहले जिला प्रशासन के फैसले पर टिकी हुई हैं।