KORBA : आषाढ़ माह की पहली झड़ी ने तुमान फीडर में की समस्या खड़ी ,सुबह फीडर में आई तकनीकी फाल्ट ढूंढकर दुरुस्त नहीं कर सका विद्युत विभाग का मेंटनेस अमला,बरसात में रेंगती मौत के खतरे के बीच रतजगा करेंगे पूर्व सांसद के ग्रहग्रामवासी समेत आधा दर्जन गांव के उपभोक्ता ,CM HELPLINE से भी समस्या का नहीं हुआ निदान….

हसदेव एक्सप्रेस न्यूज कोरबा -बरपाली। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन नंबर लचर विद्युत व्यवस्था से आहत तुमान फीडर के उपभोक्ताओं के लिए एक बार फिर बेअसर साबित हुआ है। झमाझम बारिश के बीच फीडर के इलेवन केवी में आई तकनीकी फाल्ट को विद्युत वितरण विभाग का मेंटनेस अमला रात 10 बजे तक भी ढूंढकर दुरुस्त नहीं कर पाया। जिसकी वजह से सांसद डॉ बंशीलाल महतो के गृहग्राम सलिहाभांठा समेत फीडर के आधा दर्जन ग्रामवासियों के बरसात में रेंगती हुई मौत के खतरों के बीच एक और रात रतजगा करना पड़ेगा।

जानकरी अनुसार तुमान फीडर में प्रातः 11 बजे से तेज बारिश के बीच विद्युत आपूर्ति बंद है। प्रारंभिक जानकारी में 33 KV से ही एहतियातन लाइन बंद करने की सूचना मिल रही थी। लेकिन बारिश कम होने के उपरांत मुख्य लाइन 33KV चाम्पा से विद्युत आपूर्ति बहाल करने के बाद भी तुमान फीडर की विद्युत आपूर्ति बहाल नहीं हुई । एई सुमंत निराला से हसदेव एक्सप्रेस ने जब इसकी वजह जानने संपर्क किया तो उन्होंने फीडर के लाइन में फाल्ट आने व अन्य तकनीकी खराबी का हवाला दिया,हालांकि उन्होंने जल्द फाल्ट ढूंढकर विद्युत आपूर्ति बहाल होने की बात कही थी लेकिन रात 10 बजे तक भी विद्युत आपूर्ति बहाल नहीं होने से फीडर के अंतर्गत आने वाले पूर्व सांसद दिवंगत डॉ.बंशीलाल महतो के गृह ग्राम सलिहाभांठा,पूर्व रामपुर विधायक ननकीराम कंवर के गृह ग्राम बंधवाभांठा,डोंगरीभांठा ,पकरिया,सराईडीह समेत आधा दर्जन अंधेरे में डूबे हैं।हैरानी की बात तो यह है कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में शिकायत के बाद भी समस्या का निदान नहीं हुआ। बरसात के दस्तक के साथ ही सर्पदंश की घटनाओं की आशंका बढ़ गई है ,ऐसे में ग्रामीणों को रेंगती मृत्यु के खतरे के बीच रतजगा करना पड़ेगा। लगातार विद्युत बिल की अदायगी के बावजूद लचर विद्युत व्यवस्था ग्रामीण उपभोक्ताओं के मन में शासन प्रशासन के प्रति रोष बढ़ा रहा है। ग्रामीणों ने विद्युत विभाग से अमला बढाने की मांग के साथ फीडर की बिजली समस्या की समय पर निदान करने में कर्तव्य निवर्हन में ढिलाई का आरोप लगाया है। अधिकारियों से लेकर लाइनमैन का रवैया शिकायतों के त्वरित निराकरण के प्रति उदासीन रहा है,जिसका खामियाजा जनता भुगत रही है। ग्रामीणों ने हालात नहीं सुधरने पर उग्र आंदोलन की बात कही है,जिसकी समस्त जवाबदेही संबंधित विभाग के साथ ही साथ शासन प्रशासन की होगी।