कोरबा। देश की सबसे बड़ी कोयला परियोजनाओं में शामिल एसईसीएल की कुसमुंडा मेगा परियोजना पर अब प्रधानमंत्री कार्यालय की सीधी नजर है। प्रधानमंत्री कार्यालय के प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग ग्रुप के प्रतिनिधिमंडल ने कुसमुंडा परियोजना का दौरा कर भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन कार्यों की जमीनी समीक्षा की। इस दौरान परियोजना प्रभावित परिवारों के पुनर्वास कार्यों की प्रगति का जायजा लेने के साथ ही अधिकारियों को लंबित कार्य तय समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए गए।

प्रतिनिधिमंडल में पीएमजी के लीड–पॉलिसी एवं पीएमओ एंगेजमेंट्स आनंद शर्मा, आकृति लाल, अंजलि गुप्ता, कोरबा कलेक्टर कुणाल दुदावत, एडीएम देवेंद्र पटेल, एसडीएम कटघोरा सहित जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी शामिल रहे। कुसमुंडा क्षेत्र के महाप्रबंधक सचिन टी. पाटिल ने प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए परियोजना की प्रगति और पुनर्वास कार्यों की जानकारी दी। समीक्षा बैठक में अधिकारियों के समक्ष भूमि अधिग्रहण की वर्तमान स्थिति, प्रभावित भू-स्वामियों और पात्र किरायेदारों को दिए गए मुआवजे, रोजगार, पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन कार्यों तथा लंबित मामलों पर विस्तृत प्रस्तुति दी गई।
प्रतिनिधिमंडल ने स्पष्ट किया कि परियोजना प्रभावित परिवारों को सभी सुविधाएं समय पर उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए और लंबित मामलों का शीघ्र निराकरण सुनिश्चित किया जाए। बैठक के बाद प्रतिनिधिमंडल ने खमरिया पुनर्वास स्थल का निरीक्षण किया, जहां पाली और खोदरी गांव के विस्थापित परिवारों को बसाने की तैयारी चल रही है। अधिकारियों ने आवास, सड़क, पेयजल और अन्य बुनियादी सुविधाओं का जायजा लिया तथा शेष निर्माण कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। इसके बाद टीम ने 14 नंबर डंप आर एंड आर साइट का भी निरीक्षण किया, जहां जटराज गांव के प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की व्यवस्था की जा रही है।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने पुनर्वास कार्यों की प्रगति का आकलन किया और परियोजना क्षेत्र में पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया। दौरे के दौरान एसईसीएल के महाप्रबंधक (प्रोजेक्ट एवं प्लानिंग) रितेश सोबती सहित कंपनी के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। प्रतिनिधिमंडल ने परियोजना प्रबंधन से कहा कि भूमि अधिग्रहण और पुनर्वास से जुड़े सभी कार्यों में पारदर्शिता बनाए रखते हुए उन्हें तय समय-सीमा के भीतर पूरा किया जाए, ताकि परियोजना प्रभावित परिवारों को जल्द से जल्द आवश्यक सुविधाएं और उनका वैधानिक अधिकार मिल सके।
कुसमुंडा मेगा परियोजना एसईसीएल की सबसे महत्वपूर्ण कोयला परियोजनाओं में शामिल है। ऐसे में भूमि अधिग्रहण और पुनर्वास कार्यों की नियमित निगरानी न केवल परियोजना की प्रगति के लिए, बल्कि प्रभावित परिवारों के सामाजिक और आर्थिक पुनर्वास के लिए भी अहम मानी जा रही है। पीएमओ प्रतिनिधिमंडल का यह दौरा इस बात का संकेत है कि केंद्र सरकार परियोजना विकास के साथ-साथ प्रभावित लोगों के पुनर्वास और बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता पर भी समान रूप से ध्यान दे रही है।
