CG : मुख्यमंत्री कन्या विवाह में हितग्राहियों को चांदी की जगह गिलेट का मंगलसूत्र बांटा ,नप गए DPO आदित्य शर्मा,शासन सख्त,2 वार्षिक वेतन वृद्धि असंचयी प्रभाव सेरोके जाने का दिया आदेश ,जानें मामला,देखें आदेश …

मनेंद्रगढ़। छत्तीसगढ़ सरकार की महत्वाकांक्षी योजना ‘मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना’ में लापरवाही बरतना ,चांदी की जगह हितग्राहियों को गिलेट का मंगलसूत्र देना , शासकीय कर्तव्यों के प्रति उदासीनता मनेंद्रगढ़ -भरतपुर -चिरमिरी जिले के जिला कार्यक्रम अधिकारी (DPO) आदित्य शर्मा को भारी पड़ गया। कलेक्टर के जांच प्रतिवेदन एवं अनुसंशा के आधार महिला एवं बाल विकास विभाग मंत्रालय छत्तीसगढ़ शासन ने कड़ा रुख अख्तियार करते हुए लापरवाह डीपीओ का 2 वार्षिक वेतन वृद्धि असंचयी प्रभाव से
रोके जाने’ की बड़ी शास्ति (दंड) अधिरोपित की गई है। विभाग की इस कार्रवाई से महकमे में हड़कम्प मचा है।

इस पूरे मामले को लेकर भरतपुर-सोनहत क्षेत्र के पूर्व विधायक गुलाब कमरो ने महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रमुख सचिव से लिखित शिकायत कर मामले में निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की थी, जिसके बाद शासन स्तर पर यह बड़ी कार्रवाई देखने को मिली है।

👉चांदी की जगह गिलेट का मंगलसूत्र बांटने का था आरोप

दस्तावेजों से मिली जानकारी के अनुसार, यह पूरा विवाद 10 फरवरी 2026 को जिला मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में आयोजित ‘मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना’ के कार्यक्रम से जुड़ा है। इस सामूहिक विवाह कार्यक्रम में नवविवाहित जोड़ों को दी जाने वाली उपहार सामग्री में कथित तौर पर ‘गिलेट का मंगलसूत्र’ (कम गुणवत्ता/नकली मंगलसूत्र) बांटे जाने की गंभीर शिकायत सामने आई थी। पूर्व विधायक गुलाब कमरो की शिकायत और जन आक्रोश के बाद, मामले की जांच कलेक्टर संतन देवी जांगड़े द्वारा कराई गई। कलेक्टर से प्राप्त जांच प्रतिवेदन के आधार पर महिला एवं बाल विकास संचालनालय द्वारा तत्कालीन जिला कार्यक्रम अधिकारी आदित्य शर्मा को 18 जून 2026 को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। जवाब न मिलने पर 3 जुलाई 2026 को पुनः स्मरण पत्र भी जारी किया गया।

👉संतोषजनक नहीं मिला अधिकारी का जवाब

​शासन द्वारा जारी आदेश के बिंदु क्रमांक 2 में स्पष्ट उल्लेख है कि जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री आदित्य शर्मा ने 3 जुलाई 2026 को अपना प्रतिउत्तर (जवाब) प्रस्तुत किया था, लेकिन शासन ने उनके स्पष्टीकरण को “समाधानकारक नहीं” पाया। शासन ने माना कि अधिकारी का यह कृत्य ‘छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम’ के नियम 3 के सर्वथा विपरीत है।

👉राज्यपाल के नाम से जारी हुआ दंडात्मक आदेश

​शासकीय कार्यों में घोर लापरवाही और नववधुओं के हक में सेंध लगाने जैसी गंभीरता को देखते हुए, राज्य शासन ने कड़ा फैसला लिया। छत्तीसगढ़ के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, महिला एवं बाल विकास विभाग की अवर सचिव संगीता भोले के डिजिटल हस्ताक्षर से 13 जुलाई 2026 को यह दंडात्मक आदेश जारी किया गया।

इसके तहत छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम-10 के उपनियम (चार) के अंतर्गत अधिकारी की दो वार्षिक वेतनवृद्धि रोकने की कार्रवाई की गई है। साथ ही विभाग ने जिला कार्यक्रम अधिकारी, सूरजपुर को निर्देशित किया है कि आदित्य शर्मा की सेवा पुस्तिका में इस दंड की प्रविष्टि (इंद्राज) कर शासन को तत्काल अवगत कराया जाए।

👉पूर्व विधायक गुलाब कमरो की सक्रियता से मिला न्याय

इस बड़ी कार्रवाई के बाद क्षेत्र में भरतपुर-सोनहत के पूर्व विधायक गुलाब कमरो के प्रयासों की जमकर सराहना हो रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह जैसी पवित्र और संवेदनशील योजना में भ्रष्टाचार या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जानी चाहिए थी। पूर्व विधायक कमरो द्वारा प्रमुख सचिव स्तर पर की गई त्वरित शिकायत और लगातार की गई पैरवी का ही परिणाम है कि महज कुछ ही महीनों के भीतर जांच पूरी कर दोषी अधिकारी को दंडित कर दिया गया है।
​इस कार्रवाई से जिले के अन्य विभागों और अधिकारियों में भी एक कड़ा संदेश गया है कि शासकीय योजनाओं में किसी भी प्रकार की कोताही या गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।