नई दिल्ली । नई दिल्ली पके जंतर-मंतर पर सीजेपी के प्रदर्शन और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के पद से धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने देशभर के छात्रों और युवाओं को बधाई देते हुए इस निर्णय को देश की शिक्षा व्यवस्था में बदलाव की दिशा में बड़ा कदम बताया है।
राहुल गांधी ने कहा है कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा हमारे एजुकेशन सिस्टम को नया आकार देने की दिशा में एक बहुत बड़ा कदम है।
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर लिखा कि देशभर के उन सभी छात्रों और युवाओं को हार्दिक बधाई जिन्होंने शिक्षा व्यवस्था के लिए मजबूती से संघर्ष किया। राहुल गांधी ने कहा कि अपने भविष्य की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाले छात्रों की यह बड़ी जीत है।
👉आप सभी पर गर्व
राहुल गांधी ने कहा- देश भर के छात्रों को बहुत-बहुत बधाई। हर उस नौजवान, हर उस छात्र को दिल से बधाई जो लोकतंत्र, संविधान और अपने भविष्य की रक्षा के लिए सड़कों पर उतरे और डटे रहे। हमको आप सभी पर गर्व है।
👉2 मांगें अभी भी बाकी

राहुल गांधी ने यह भी कहा कि आपकी 2 मांगें अभी भी बाकी हैं। पहली- प्रधानमंत्री मोदी छात्रों और देश के भविष्य का सम्मान करते हुए उनसे माफी मांगें और दूसरी- छात्रों के खिलाफ हुई हिंसा के दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। राहुल गांधी ने छात्रों और युवाओं से अपील करते हुए कहा है कि वे डरें नहीं वरन अपने सम्मान, अधिकार, लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए संवैधानिक तरीके से डटे रहें।
👉सरकार को सत्ता से हटाने का समय आ गया
राहुल गांधी ने आगे यह भी कहा कि अब किसी को युवाओं की आवाज दबाने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। समाज के दूसरे तबकों को (किसान, मजदूर, गरीब, हर वह इंसान) जिसे इस सरकार ने दबाया और कुचला है उसको अपनी इज्जत के लिए संवैधानिक तरीके से डटे रहना है। डरो मत, इस सरकार को सत्ता से हटाने का समय आ गया है।
👉डरते नहीं हैं तो जीत सकते हैं आप
वहीं कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने आंदोलन को पहली बड़ी कामयाबी मिल गई है। धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया है। यह इस बात का सबूत है कि यदि आप डरते नहीं हैं तो आप जीत सकते हैं। लोकतंत्र में आपको बोलने से डरना नहीं चाहिए। आप आवाज उठाएंगे तभी वे अपनी हद में रहेंगे। वे हमारी वजह से सत्ता में बैठे हैं।
👉हम ऐसे ही नहीं जाएंगे- दिपके
अभिजीत दिपके ने साफ किया कि आंदोलन जारी रहेगा। हमारी दो और मांगें हैं। हम कॉकरोच हैं। एक बार घुस जाएं तो निकलते नहीं हैं। हम ऐसे ही नहीं जाएंगे। अभी सिर्फ एक इस्तीफा हुआ है। कॉकरोच से पंगा मत लो।
