रायपुर/कोरबा। छत्तीसगढ़ स्टेट पावर जनरेशन कंपनी लिमिटेड (CSPGCL) में प्रमोशन को लेकर बड़ा प्रशासनिक आदेश जारी हुआ है। विभागीय पदोन्नति समिति (DPC) की अनुशंसा और बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की मंजूरी के बाद तीन चीफ इंजीनियरों को Executive Director (ED) के पद पर पदोन्नत किया गया है। आदेश 1 सितंबर 2026 को जारी किया गया।
हेमंत कुमार सिंह को HTPS कोरबा में ED (Gen.) की जिम्मेदारी

जारी आदेश के मुताबिक चीफ इंजीनियर (Gen.) HTPS, कोरबा वेस्ट के रूप में पदस्थ हेमंत कुमार सिंह (AE-1988) को प्रमोशन देकर Executive Director (Gen.), HTPS, Korba West बनाया गया है। ऐसे में कोरबा स्थित हसदेव ताप विद्युत संयंत्र की प्रशासनिक और तकनीकी जिम्मेदारियों में उनकी भूमिका अब और अहम हो गई है।
👉इन दो अधिकारियों को भी मिली ED की कुर्सी
गिरिश कुमार गुप्ता (AE-1988)
वर्तमान पद: CE (FM), CSPGCL, रायपुर
नई जिम्मेदारी: ED (FM), CSPGCL, रायपुर,
हेमंत कुमार सिंह (AE-1988)वर्तमान पद: CE (Gen.), HTPS, कोरबा वेस्ट नई जिम्मेदारी: ED (Gen.), HTPS, कोरबा वेस्ट
सुभाष कुमार शर्मा (AE-1989)
वर्तमान पद: CE (Project), CSPGCL, रायपुर
नई जिम्मेदारी: ED (Project), CSPGCL, रायपुर
👉प्रमोशन के साथ कोर्ट केस की शर्त भी
खास बात यह है कि यह पदोन्नति प्रोविजनल रखी गई है। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि प्रमोशन छत्तीसगढ़ शासन/पावर कंपनियों से जुड़े मामलों में हाईकोर्ट के 16 अप्रैल 2024 के फैसले और WP(S) 1650/2026 की कार्यवाही के अंतिम परिणाम के अधीन रहेगा।
इसके अलावा पदोन्नति आदेश सुप्रीम कोर्ट में SLP (C) Diary No. 5555/2025 में चल रही कार्यवाही के अंतिम फैसले के अधीन भी रहेगा।
👉7 दिन में ज्वाइन नहीं किया तो सस्पेंशन!
आदेश का सबसे सख्त हिस्सा भी सामने आया है। प्रमोट किए गए अधिकारियों को आदेश जारी होने की तारीख से 7 कार्य दिवस के भीतर नई पदस्थापना पर ज्वाइन करना होगा।
निर्धारित अवधि में ज्वाइन नहीं करने पर संबंधित प्रमोटी अधिकारी को अगले दिन से निलंबित माना जाएगा और उसके बाद विभागीय कार्यवाही शुरू की जाएगी।
👉विभागीय जांच और मामलों की भी होगी पड़ताल
आदेश में यह भी उल्लेख है कि प्रमोशन आदेश संबंधित अधिकारी को तभी दिया जाए, जब यह सुनिश्चित हो कि उनके खिलाफ कोई दंड प्रभावी नहीं है और कोई विभागीय जांच अथवा लोकायुक्त प्रकरण लंबित/विचाराधीन नहीं है। यदि ऐसा कोई मामला पाया जाता है तो आदेश को वापस कर पूरी जानकारी के साथ कार्यालय को भेजने के निर्देश हैं।
यानी CSPGCL में तीन अधिकारियों की ED पद पर ताजपोशी तो हुई है, लेकिन प्रमोशन की राह कोर्ट की कार्यवाही और विभागीय शर्तों से होकर गुजरेगी।
