CG : शिक्षाकर्मी के 16 लाख के एरियर्स भुगतान की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के एवज में BEO ने 80 हजार की मांगी कमीशन ,10 हजार की रिश्वत की पहली किश्त लेते ACB ने रंगे हाथों किया गिरफ्तार, जानें पूरा मामला …

रायपुर/सुकमा। छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने बड़ी कार्रवाई की है। ACB ने कोंटा के खंड शिक्षा अधिकारी चंद्र कुमार यारदा को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोप है कि एक शिक्षाकर्मी के 16 लाख रुपये के एरियर्स भुगतान की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के एवज में अधिकारी ने कुल 80 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की थी।

मामले में मिसमा निवासी कवासी मंगल राम ने ACB की जगदलपुर इकाई में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के मुताबिक उनकी पत्नी कवासी सुशीला कन्या आश्रम डूब्बाटोटा में अधीक्षिका के पद पर पदस्थ हैं। वेतनमान निर्धारण के बाद उन्हें लगभग 16 लाख रुपये की एरियर्स राशि मिलनी थी।

👉कुल राशि का 5 प्रतिशत मांगा था कमीशन

शिकायतकर्ता के अनुसार एरियर्स राशि के भुगतान से संबंधित प्रक्रिया के लिए जब वह खंड शिक्षा अधिकारी चंद्र कुमार यारदा से मिले, तो कथित तौर पर अधिकारी ने भुगतान करवाने के बदले कुल एरियर्स राशि का 5 प्रतिशत यानी 80 हजार रुपये रिश्वत के रूप में मांगे। शिकायतकर्ता रिश्वत देने के पक्ष में नहीं था। इसके बाद उसने मामले की जानकारी ACB को दी और अधिकारी को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़वाने की इच्छा जताई। शिकायत मिलने के बाद ACB ने पूरे मामले का सत्यापन किया।

👉पहली किश्त के 10 हजार लेते ही ACB ने दबोचा

शिकायत के सत्यापन के दौरान आरोपी अधिकारी ने कथित तौर पर पहली किश्त के रूप में 10 हजार रुपये लेने पर सहमति जताई। इसके बाद ACB जगदलपुर की टीम ने ट्रैप कार्रवाई की योजना तैयार की।

निर्धारित योजना के तहत बुधवार को शिकायतकर्ता ने आरोपी अधिकारी को 10 हजार रुपये दिए। इसी दौरान ACB की टीम ने चंद्र कुमार यारदा को रिश्वत की रकम लेते रंगे हाथों पकड़ लिया। कार्रवाई के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया और मामले से जुड़े साक्ष्यों को जुटाते हुए आगे की जांच शुरू की गई।

👉धारा 7 के तहत मामला दर्ज, जांच जारी

एंटी करप्शन ब्यूरो ने खंड शिक्षा अधिकारी चंद्र कुमार यारदा के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित 2018) की धारा 7 के तहत प्रकरण दर्ज किया है। गिरफ्तारी के बाद मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई और जांच जारी है।

ACB की इस कार्रवाई के बाद शिक्षा विभाग में भी हड़कंप की स्थिति है। अब जांच में यह पता लगाया जाएगा कि कथित रिश्वत मांगने और एरियर्स भुगतान से जुड़े मामले में आरोपी अधिकारी की भूमिका क्या रही और इस प्रकरण में अन्य कोई व्यक्ति शामिल है या नहीं।

👉ACB की कार्रवाई से शिक्षा विभाग में हड़कंप

सुकमा में हुई इस कार्रवाई ने एक बार फिर सरकारी विभागों में रिश्वतखोरी के खिलाफ ACB की कार्रवाई को चर्चा में ला दिया है। 16 लाख रुपये के एरियर्स भुगतान के बदले 80 हजार रुपये की कथित मांग और पहली किश्त के रूप में 10 हजार रुपये लेते गिरफ्तारी इस पूरे मामले का प्रमुख पहलू है। ACB की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया के बाद ही मामले से जुड़े अन्य तथ्यों की पूरी तस्वीर सामने आएगी।