इंदौर। सेहत बनाने और शरीर में प्रोटीन की कमी पूरी करने के लिए लोग पनीर को प्राथमिकता देते हैं, लेकिन इंदौर में यही पनीर लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ कर रहा है।
शहर में बिक रहे पनीर के नमूनों की जांच में चौंकाने वाली तस्वीर सामने आई है। खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा जनवरी से सितंबर तक पनीर के 131 सैंपल लिए गए।

जिसमें से भोपाल लैब से लगभग 55 सैंपलों की जांच रिपोर्ट आई, जिसमें 19 नमूने फेल हो गए। यानी जांचे गए हर तीन में से एक से अधिक नमूने गुणवत्ता के तय मानकों पर खरे नहीं उतरे। इतना ही नहीं इन 19 फेल नमूनों में से 5 नमूनों में एनालाग पनीर की पुष्टि हुई है।
👉खाद्य विभाग द्वारा 1192 लीगल नमूने जांच के लिए भेजे
बीते नौ महीनों में इंदौर के खाद्य विभाग द्वारा 1192 लीगल नमूने जांच के लिए भेजे हैं, इनमें से अब तक सिर्फ 40 प्रतिशत नमूनों की ही जांच रिपोर्ट आई है, 60 प्रतिशत रिपोर्ट अब भी पेंडिंग हैं। पनीर के 131 नमूनों में से सिर्फ 55 नमूनों की ही रिपोर्ट आई है। इसी तरह सर्विलांस के लिए भेजे गए 1801 नमूनों में से भी अब तक महज 30 प्रतिशत नमूनों की ही जांच रिपोर्ट आई है। अगर सारे नमूनों की रिपोर्ट आएगी तो यह आंकड़ा बहुत ज्यादा हो सकता है।
👉देसी घी में भी हो रही जमकर मिलावट
पनीर के अलावा जिले में मिलावटी देसी घी भी जमकर खपा है। खाद्य एवं औषधि प्रशासन द्वारा बीते दो महीनों में प्रदेश स्तर पर अभियान चलाया गया। इसमें इंदौर में देसी घी के 121 नमूने लिए गए जिसमें से 40 नमूने फेल हुए हैं। इनमें से कुछ ब्रांड के घी को तो विभाग द्वारा असुरक्षित घोषित करते हुए उन्हें कंपनी को रिकॉल करने का आदेश भी दिया जा चुका है।
👉जनवरी से सितंबर तक एक करोड़ का जुर्माना
नौ महीनों में खाद्य विभाग द्वारा की गई विभिन्न कार्रवाइयों में 12 प्रकरणों में 99 लाख 20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। विभाग की ओर से 20 प्रकरण दायर किए गए एवं 6 प्रतिष्ठानों का पंजीयन निलंबित किया गया है।
👉जनवरी से सितंबर तक लीगल नमूने – 1192, फेल नमूने – 124
- सर्विलेंस के नमूने – 1801, फेल नमूने – 26
- देसी घी – 121 नमूने, फेल नमूने – 40
- पनीर – 131 नमूने, फेल नमूने – 19
- दूध – 45 नमूने, फेल नमूने – 03
- तेल – 57 नमूने, फेल नमूने – 01
- दायर प्रकरण – 20
- जुर्माना – 12 प्रकरणों में 99, 20, 000
- पंजीयन निलंबित – 06
