कोरबा। शहर के पुराना बस स्टैंड परिसर में दुर्गा पूजा की परंपरा छह दशक से अधिक समय से जारी है। यहां वर्ष 1965 से श्री सार्वजनिक दुर्गा पूजा एवं दशहरा उत्सव समिति की ओर से मां दुर्गा की आराधना की जा रही है। इस वर्ष भी नवरात्रि के अवसर पर मां की भव्य प्रतिमा स्थापित की गई है। आकर्षक सजावट, रंग-बिरंगी रोशनी और श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद वितरण के चलते यह पंडाल लोगों के लिए आस्था का प्रमुख केंद्र बना हुआ है।

इस बार पंडाल की सजावट में पारंपरिक और प्राकृतिक सामग्रियों का रचनात्मक इस्तेमाल किया गया है। सरई के पत्ते, दोना-पत्तल, सागौन के पत्ते, जूट और दूसरी सामान्य वस्तुओं से तैयार कलाकृतियां लोगों का ध्यान खींच रही हैं। मां के दर्शन के लिए पहुंचने वाले श्रद्धालु पूजा-अर्चना के साथ पंडाल की सजावट को भी करीब से देख रहे हैं।
👉पारंपरिक सामग्रियों से तैयार हुआ आकर्षक पंडाल

पुराना बस स्टैंड के दुर्गा पूजा पंडाल की खासियत इसकी अनूठी सजावट है। यहां सरई और सागौन के पत्तों के साथ दोना-पत्तल, जूट, बताशे, मशरूम यानी छाता पुटू, कांसे के फूल और झाड़ू बनाने में इस्तेमाल होने वाली बहरी की सींकों का उपयोग किया गया है। इन सामग्रियों से तैयार सजावटी आकृतियां पंडाल को अलग पहचान दे रही हैं।
पंडाल को आकर्षक स्वरूप देने में कोलकाता से आए कारीगरों की कलाकारी भी नजर आती है। सामान्य तौर पर रोजमर्रा के काम में इस्तेमाल होने वाली वस्तुओं को सजावट का हिस्सा बनाकर कलात्मक रूप दिया गया है। शाम होते ही रोशनी से जगमगाता मां का दरबार श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है।
👉दर्शन के साथ प्रसाद वितरण, सेवा की परंपरा भी जारी
समिति की ओर से मां के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद वितरित किया जा रहा है। भक्त पूजा-अर्चना के बाद प्रसाद ग्रहण कर रहे हैं और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना कर रहे हैं। आयोजन में समिति के सदस्य पूजा की व्यवस्थाओं के साथ प्रसाद सेवा की जिम्मेदारी भी संभाल रहे हैं।
इस धार्मिक आयोजन में भक्ति के साथ सेवा और सामाजिक सहभागिता का भाव भी देखने को मिल रहा है। परिवारों के साथ पहुंच रहे श्रद्धालु मां के दर्शन कर रहे हैं। पंडाल में पूजा-अर्चना और प्रसाद वितरण से भक्तिमय माहौल बना हुआ है।
👉भव्य प्रतिमा और रोशनी से बढ़ रही पंडाल की खूबसूरती
पंडाल में स्थापित मां दुर्गा की प्रतिमा श्रद्धालुओं के आकर्षण का प्रमुख केंद्र है। प्रतिमा के आसपास की गई रोशनी और सजावट से दरबार को विशेष रूप दिया गया है। सुबह से देर रात तक भक्त दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। कोई मां के सामने शीश झुकाकर प्रार्थना कर रहा है, तो कोई परिवार की सुख-शांति और खुशहाली की कामना कर रहा है।
👉महानवमी की पूजा के बाद दशहरे पर रावण दहन
नवरात्रि के समापन पर महानवमी के अवसर पर कन्या पूजन और हवन के साथ मां की आराधना की जा रही है। इसके बाद 20 अक्टूबर को विजयादशमी के अवसर पर रावण दहन के साथ दशहरा उत्सव मनाया जाएगा। पुराना बस स्टैंड का यह पंडाल नवरात्रि के दौरान शहर के धार्मिक आयोजनों में खास स्थान बनाए हुए है।
👉61 साल पुरानी परंपरा को आगे बढ़ा रही समिति
श्री सार्वजनिक दुर्गा पूजा एवं दशहरा उत्सव समिति के संरक्षक एवं अध्यक्ष सुरेंद्र लांबा, कार्यकारी अध्यक्ष राजेश अग्रवाल और अनिल जायसवाल, कोषाध्यक्ष गोपाल अग्रवाल तथा सचिव प्रवीण पांडेय सहित समिति के अन्य सदस्य आयोजन की व्यवस्थाओं में जुटे हैं। अंजू साहू, राजा राव, गजेंद्र जायसवाल, रितेश अग्रवाल, समीर मजूमदार, तिलक राज अरोड़ा, नितेश साहू, कीर्ति अग्रवाल और संतोष पाल भी आयोजन को सफल बनाने में भूमिका निभा रहे हैं।
पुराना बस स्टैंड में छह दशक से अधिक समय से जारी यह दुर्गा पूजा आयोजन धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक एकता और सामूहिक सहयोग की मिसाल भी पेश करता है। भव्य प्रतिमा, पारंपरिक सजावट और प्रसाद सेवा के जरिए समिति इस परंपरा को आगे बढ़ा रही है।
