KORBA : किसान आत्महत्या प्रयास मामले में प्रशासन का त्वरित एक्शन , पटवारी कामिनी कारे सस्पेंड ,तहसीलदार को नोटिस ,जानें किस लापरवाही की मिली सजा …

कोरबा। गिरदावरी में त्रुटिपूर्ण रकबा के सुधार हेतु दिए गए अर्जी के बाद भी ऑनलाइन मैपिंग के सत्यापन की अनदेखी से एकीकृत पोर्टल में फसल की प्रविष्टि नहीं होने पर टोकन नहीं कट पाने से धान बेचने से वंचित किसान द्वारा आत्महत्या का प्रयास किए जाने के मामले में जिला प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई की है। पटवारी कामिनी कारे को निलंबित कर दिया गया है वहीं हरदीबाजार तहसीलदार अभिजीत राजभानु को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

गौरतलब हो कि हरदीबाजार तहसील के ग्राम कोरबी -धतुरा निवासी किसान सुमेर सिंग गोंड़ द्वारा एग्रीस्टेक पोर्टल में पंजीयन कराने के बाद भी टोकन नहीं कटने कलेक्टर जनदर्शन में गुहार के बाद भी समस्या का निराकरण नहीं होने से 68 क्विंटल धान नहीं बेच पाने से आहत किसान द्वारा सोमवार को जहर पीकर आत्महत्या का प्रयास किया गया। जिसका फिलहाल मेडिकल कॉलेज अस्पताल में इलाज जारी है। मामला मीडिया के जरिए शासन प्रशासन के संज्ञान में आने के बाद पूरे प्रदेश में हड़कम्प मचा है। विपक्षी दल कांग्रेस की सांसद ज्योत्सना चरणदास महंत भी तत्काल उपचारररत मेडिकल कॉलेज अस्पताल में दाखिल किसान का कुशलक्षेम जानने पहुंची। जहां उन्होंने सरकारी सिस्टम ,सरकार की नीयत पर गंभीर सवाल उठाए थे। जिला प्रशासन ने भी मामले को संजीदगी से लिया है। प्रशासन द्वारा जारी अधिकारिक बयान अनुसार धान खरीदी वर्ष 2025-26 के सुचारू संचालन हेतु शासन द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुसार गिरदावरी में छूटे तथा त्रुटिवश दर्ज कृषकों के रकबा सुधार और ऑनलाइन मैपिंग का कार्य प्रगति पर है। इसी अंतर्गत पटवारी हल्का नंबर 03, रा.नि.मं. तिवरता, तहसील हरदीबाजार के ग्राम नोनबिर्रा, उड़ता एवं पूटा के कृषकों के रकबा की ऑनलाइन मैपिंग की गई थी।
अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, पाली द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन के अनुसार संबंधित पटवारी श्रीमती कामिनी कारे द्वारा अनेक कृषकों का क्षेत्र निरीक्षण एवं सत्यापन नहीं किया गया, जिसके कारण प्रभावित कृषक धान उपार्जन केंद्रों में अपना धान विक्रय नहीं कर पा रहे हैं। यह कृत्य शासन के निर्देशों की अवहेलना, कार्य के प्रति उदासीनता एवं स्वेच्छाचारिता का परिचायक पाया गया है।
उक्त कृत्य छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम 03 का उल्लंघन एवं कदाचार की श्रेणी में पाया गया है। इसे ध्यान में रखते हुए श्रीमती कामिनी कारे, पटवारी हल्का क्रमांक 03 को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण व अपील) नियम 1966 के नियम 9 के अंतर्गत तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय तहसील कार्यालय पाली निर्धारित किया गया है तथा उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा।
इसी प्रकरण में पर्यवेक्षण की कमी पाए जाने पर तहसीलदार हरदीबाजार अभिजीत राजभानु को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
कलेक्टर कुणाल दुदावत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित अधिकारियों पर त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए हैं एवं धान खरीदी कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं।