नीता अंबानी बनीं देश की सबसे प्रभावशाली ,शक्तिशाली महिला ,इस मशहूर बिजनेस मैगजीन ने दी जगह, प्रीति अडानी ने भी टॉप -10 में बनाई जगह …

नई दिल्ली ।भारतीय कॉरपोरेट जगत और सामाजिक बदलाव के क्षेत्र से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। देश की जानी-मानी उद्योगपति, समाजसेवी और रिलायंस फाउंडेशन की चेयरपर्सन नीता अंबानी को भारत की सबसे प्रभावशाली और शक्तिशाली महिला के रूप में चुना गया है। मशहूर बिजनेस मैगजीन Fortune India द्वारा जारी की गई ‘भारत की 100 सबसे शक्तिशाली महिलाओं’ (Most Powerful Women) की प्रतिष्ठित सूची में नीता अंबानी ने शीर्ष स्थान हासिल किया है।

इस सूची में देश की उन प्रमुख महिला लीडर्स, उद्यमियों, सीईओ और समाजसेविकाओं को शामिल किया गया है, जिन्होंने अपने फैसलों और नेतृत्व क्षमता से भारतीय अर्थव्यवस्था और समाज पर एक गहरी छाप छोड़ी है।

👉रिलायंस फाउंडेशन के जरिए सामाजिक और खेल जगत में क्रांतिकारी बदलाव

नीता अंबानी का शीर्ष स्थान पर आना उनके केवल बिजनेस बैकग्राउंड को नहीं, बल्कि समाज के प्रति उनके अभूतपूर्व योगदान को दर्शाता है। वह लंबे समय से शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में जमीनी स्तर पर काम कर रही हैं।

  • शिक्षा और स्वास्थ्य: रिलायंस फाउंडेशन के माध्यम से उन्होंने देश के दूर-दराज के इलाकों तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने का काम किया है।
  • महिला सशक्तिकरण: ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए उनके नेतृत्व में कई विशेष कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं।
  • खेलों को बढ़ावा: नीता अंबानी भारतीय खेलों (विशेषकर जमीनी स्तर पर फुटबॉल और एथलेटिक्स) को बढ़ावा देने में एक मुख्य प्रेरक रही हैं। इसके अलावा, वह अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (IOC) की सदस्य भी हैं।

👉टॉप-10 में दिग्गज महिला लीडर्स: प्रीति अडानी भी रेस में आगे

फॉर्च्यून इंडिया की इस लिस्ट में भारतीय कॉरपोरेट और सामाजिक क्षेत्र की कई अन्य दिग्गज महिलाओं को भी शीर्ष स्थान मिला है। इस सूची में अडानी फाउंडेशन की चेयरपर्सन प्रीति अडानी का नाम भी टॉप-10 में शामिल है।

गौतम अडानी की पत्नी प्रीति अडानी के नेतृत्व में अडानी फाउंडेशन शिक्षा, सामुदायिक स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे के विकास के जरिए लाखों लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रहा है। दो सबसे बड़े बिजनेस घरानों की इन महिला लीडर्स का शीर्ष पर होना यह दिखाता है कि भारतीय कॉरपोरेट अब सामाजिक जिम्मेदारी (CSR) को कितनी गंभीरता से ले रहा है।

👉भारतीय कॉरपोरेट में बदल रहा है महिलाओं का दौर

विशेषज्ञों और उद्योग जगत के जानकारों का मानना है कि फॉर्च्यून इंडिया की यह सूची इस बात का पुख्ता प्रमाण है कि भारतीय कॉरपोरेट जगत में अब महिलाओं की भूमिका सिर्फ प्रबंधन (Management) या बोर्ड रूम तक सीमित नहीं रह गई है।

“आज महिलाएं बड़े और कड़े कारोबारी फैसले ले रही हैं, कंपनियों का नेतृत्व कर रही हैं और साथ ही देश के सामाजिक-आर्थिक ढांचे को बदलने में भी अहम भूमिका निभा रही हैं। बैंकिंग, टेक्नोलॉजी, मीडिया, हेल्थकेयर और स्टार्टअप्स जैसे हर सेक्टर में महिलाओं का दबदबा तेजी से बढ़ रहा है।”

यह सूची देश की करोड़ों युवा महिलाओं और लड़कियों के लिए एक प्रेरणा है कि वे भी नेतृत्व की भूमिकाओं में आगे आएं और देश के विकास में अपना योगदान दें।