नई दिल्ली / इंदौर: चर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड की मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी ने अपनी जमानत रद्द करने की मेघालय सरकार की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में एक जवाबी हलफनामा दाखिल किया है। सोनम ने खुद को पूरी तरह निर्दोष बताते हुए दावा किया है कि उसे इस मामले में झूठा फंसाया गया है और उसके खिलाफ कोई भी प्रत्यक्ष सबूत नहीं है।
👉अभियोजन का पूरा केस सिर्फ कयासों पर आधारित: सोनम
सोनम रघुवंशी ने अपने हलफनामे में अदालत से कहा कि अभियोजन पक्ष के पास उसके खिलाफ कोई सीधा या ठोस सबूत (Direct Evidence) नहीं है। पूरा मामला केवल परिस्थितिजन्य साक्ष्यों (Circumstantial Evidence) पर टिका हुआ है। उसने भारतीय कानून का हवाला देते हुए कहा कि केवल आरोप लगा देने से कोई दोषी साबित नहीं हो जाता; परिस्थितिजन्य साक्ष्यों की पूरी कड़ी को बिना किसी संदेह के साबित करना पूरी तरह से अभियोजन की जिम्मेदारी है।
👉जमानत रद्द करने का कोई कानूनी आधार नहीं
अपनी रिहाई का बचाव करते हुए सोनम ने अदालत को बताया कि उसे 27 अप्रैल 2026 को अदालत से विधिपूर्वक जमानत मिली थी, जिसके बाद 28 अप्रैल को उसे जेल से रिहा किया गया था। जेल से बाहर आने के बाद से उसने जमानत की एक भी शर्त का उल्लंघन नहीं किया है और वह लगातार अदालती कार्रवाई (Trial) में सहयोग कर रही है। उसने यह भी स्पष्ट किया कि यदि मामले की सुनवाई में कोई देरी हो रही है, तो इसके लिए वह जिम्मेदार नहीं है। इसलिए, मेघालय सरकार द्वारा उसकी जमानत रद्द करने की मांग का कोई ठोस कानूनी आधार नहीं बनता।
बता दें कि मेघालय सरकार ने सोनम रघुवंशी की जमानत को चुनौती देते हुए इसे रद्द करने के लिए सर्वोच्च न्यायालय का रुख किया है। सुप्रीम कोर्ट अब इस पूरे मामले पर 14 जुलाई को अगली सुनवाई करेगा।

