दिल्ली । राजा रघुवंशी हत्याकांड में नया मोड़ आ गया है। सोनम रघुवंशी ने सुप्रीम कोर्ट में खुद को बेगुनाह बताया, जबकि मेघालय सरकार ने उनकी जमानत रद्द करने की मांग की है।
राजा रघुवंशी हत्याकांड की मुख्य आरोपी और उनकी पत्नी सोनम रघुवंशी की जमानत को लेकर मामला सुप्रीम कोर्ट में है। मेघालय सरकार ने उनकी जमानत को चुनौती देते हुए शीर्ष अदालत में याचिका दायर की है, जिस पर 14 जुलाई को सुनवाई होगी। इस बीच सोनम ने जवाबी हलफनामे में खुद को निर्दोष बताते हुए दावा किया है कि उन्हें झूठा फंसाया गया है, जबकि मेघालय सरकार का कहना है कि जमानत एक टाइपिंग की गलती के आधार पर दी गई थी।
सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने दलील दी कि FIR में एक टाइपिंग की गलती – जहां BNS की धारा 103 के बजाय गलती से 403 लिख दिया गया था – जमानत देने का आधार बनी। कोर्ट ने मेघालय सरकार से गिरफ्तारी के दस्तावेज और संबंधित रिकॉर्ड जमा करने को कहा। सोनम की जमानत फिलहाल बरकरार है।
👉तुषार मेहता बोले – मामला गंभीर

सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट से कहा कि यह बेहद गंभीर मामला है। उन्होंने बताया कि, सोनम रघुवंशी को इस आधार पर जमानत मिली कि गिरफ्तारी के कारण लिखित रूप में नहीं बताए गए थे, जबकि रिकॉर्ड के अनुसार उन्हें गिरफ्तारी के समय सभी आधार लिखित रूप में दिए गए थे।
👉टाइपिंग की गलती जमानत का आधार नहीं
मेहता ने कहा कि, दस्तावेज में BNS की धारा 103(1) की जगह गलती से धारा 403(1) लिख दिया गया था। यह सिर्फ एक टाइपिंग की गलती थी, जिसे जमानत का आधार नहीं बनाया जाना चाहिए।
बड़ी बेंच के पास भेजा जा सकता है केस
इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वह इस पूरे मामले की विस्तार से जांच करेगा। कोर्ट यह भी देखेगा कि अलग-अलग फैसलों में कोई कानूनी टकराव है या नहीं और जरूरत पड़ने पर मामले को बड़ी बेंच के पास भेजने पर भी विचार किया जाएगा।
👉हनीमून पर पति की हत्या का आरोप

बता दें कि, सोनम पर पिछले साल हनीमून के दौरान अपने पति राजा रघुवंशी की हत्या का आरोप है। सोनम को ट्रायल कोर्ट ने उन्हें जमानत दे दी थी, जिसे मेघायालय हाई कोर्ट ने भी बरकरार रखा। अब सुप्रीम कोर्ट में जमानत को चुनौती दी गई है।
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