कोरबा-कटघोरा । जिले के कटघोरा क्षेत्र से एक सनसनीखेज और दुखद मामला सामने आया है, जहां 28 वर्षीय युवक ने कथित रूप से परफ्यूम पीने के बाद फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती युवक की इलाज के दौरान मौत हो गई। परिजनों ने इस घटना के पीछे जादू-टोना और मानसिक परेशानी को कारण बताया है, जबकि पुलिस सभी पहलुओं की जांच में जुटी हुई है।
जानकारी के अनुसार कटघोरा निवासी विद्यासागर (28) पेशे से मिस्त्री था। उसकी शादी वर्ष 2025 में हुई थी और उसकी पत्नी सात माह की गर्भवती है। सोमवार 5 जनवरी को विद्यासागर घर लौटा और छोटे भाई से ऑनलाइन मंगाया गया परफ्यूम मांगा। परफ्यूम लगाने के बाद वह शीशी लेकर अपने कमरे में चला गया, जहां उसने कथित रूप से परफ्यूम पी लिया और फिर फांसी लगा ली।
👉परिजनों ने अस्पताल पहुंचाया, इलाज के दौरान मौत

कुछ देर बाद जब परिजनों ने कमरे में जाकर देखा तो विद्यासागर फांसी के फंदे पर लटका मिला। आनन-फानन में उसे नीचे उतारकर कटघोरा शासकीय अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी हालत गंभीर होने पर जिला मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर किया गया। वहां इलाज के दौरान युवक की मौत हो गई।
👉मौके से मिली परफ्यूम की खाली शीशी
घटना की सूचना मिलते ही कटघोरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। कमरे से परफ्यूम की खाली शीशी बरामद की गई है, जिससे यह आशंका जताई जा रही है कि युवक ने आत्महत्या से पहले परफ्यूम का सेवन किया था। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।
👉परिजनों का आरोप— जादू-टोना से था परेशान
मृतक के बड़े भाई बजरंग सिंह उइके ने बताया कि विद्यासागर शांत और मिलनसार स्वभाव का था। वह कभी-कभी शराब का सेवन करता था। बीते कुछ दिनों से उसकी मानसिक और शारीरिक स्थिति में बदलाव देखा जा रहा था। परिजनों का दावा है कि वह जादू-टोना के डर और मानसिक दबाव में था, इसी वजह से उसने आत्महत्या जैसा कदम उठाया।
👉पुलिस का बयान— जांच जारी
जिला अस्पताल चौकी प्रभारी सुरेश मणि सोनवानी ने बताया कि मृतक के परिजनों के बयान दर्ज कर लिए गए हैं। मर्ग डायरी आगे की जांच के लिए संबंधित थाना भेजी जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
👉डॉक्टर की राय— जादू-टोना अंधविश्वास, मानसिक भ्रम का परिणाम
चिकित्सक डॉ. दिनेश मिश्र ने कहा कि जादू-टोना केवल अंधविश्वास है। इसके डर से व्यक्ति मानसिक रूप से कमजोर हो सकता है, लेकिन यह किसी की मौत का प्रत्यक्ष कारण नहीं बन सकता। उन्होंने मानसिक स्वास्थ्य को गंभीरता से लेने और अंधविश्वास से दूर रहने की अपील की है।
