रायपुर/गरियाबंद। ‘विविध सार्वजनिक कार्यक्रमों/आयोजनों की पूर्व अनुमति लेने की अनिवार्यता विषयक नियमों में उल्लेखित निर्देश/प्रक्रिया का उल्लघंन तथा शासन के नियमों के विपरीत जाकर, उक्त कार्यक्रम की अनुमति आदेश उसी दिनांक 29. 12.2025 को जारी किया गया है, जो विधिवत नहीं है।




कार्यक्रम में अश्लील नृत्य प्रस्तुत किया गया, प्राप्त वीडियो से स्पष्ट है कि कार्यक्रम रोकने के संबंध में श्री मरकाम के द्वारा कोई कार्यवाही नहीं की गई। तुलसीदास मरकाम का उक्त कृत्य कर्तव्य परायणता व पूर्ण रूप से सनिष्ठ रहने के प्रयुक्ति के विपरीत तथा कर्तव्य के प्रति हल्केपन को प्रदर्शित करता है, जो छत्तीसगढ़ विविल सेवा आचरण नियम 1965 के सर्वथा विपरीत है।
जांच प्रतिवेदन में उक्त टिप्पणी के साथ एसडीएम तुलसीदास मरकाम को सस्पेंड कर दिया गया है।
गरियाबंद जिले में ओडिशा की महिला डांसरों द्वारा आयोजित “ओपेरा” (नृत्य,नाटक, संगीत कार्यक्रम) में अश्लील डांस किए जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद कलेक्टर और पुलिस प्रशासन ने तुरंत कदम उठाया। अपर कलेक्टर की अध्यक्षता में जांच कमेटी का गठन किया गया।जांच रिपोर्ट के बाद बड़ा एक्शन लिया गया।


👉पहले तो SDM तुलसीदास को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए गरियाबंद जिले में अटैच किया गया था। जांच रिपोर्ट और असंतोषजनक जवाब के आधार पर अब रायपुर संभागीय आयुक्त एम.डी. कावरे ने SDM तुलसीदास मरकाम को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है. उन्हें बलौदाबाजार-भाटापारा जिला मुख्यालय कार्यालय से अटैच किया है।
👉 यह है पूरा मामला
गरियाबंद जिले के मैनपुर विकासखंड के ग्राम उरमाल में 5 से 9 जनवरी 2026 तक नृत्य-नाटक-संगीत कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम की अनुमति तत्कालीन एसडीएम मैनपुर तुलसीदास मरकाम ने दी थी। एसडीएम को अश्लील डांस की जब जानकारी मिली तो वह पहुंचे लेकिन, अश्लील डांस रुकवाने की बजाय डांस का आनंद लेने लगे और रुपये भी लुटाए।
