कोरबा । विधानसभा के बजट सत्र के दौरान प्रश्नकाल में कोरबा जिले में अमानक चावल खरीदी का मामला जोरदार तरीके से उठाया गया। कांग्रेस विधायक व्यास कश्यप ने सदन में इस मुद्दे को उठाते हुए सरकार से पूछा कि आखिर कितनी मात्रा में अमानक चावल खरीदा गया और इसकी अनुमानित कीमत कितनी है।
👉पीडीएस की गुणवत्ता पर उठे सवाल

विधायक व्यास कश्यप ने कहा कि खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति निगम के माध्यम से हुई खरीदी में यदि अमानक चावल लिया गया है तो यह गंभीर लापरवाही है। उन्होंने पूछा कि इस मामले में किन अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की गई है और अब तक उनके खिलाफ क्या कार्रवाई हुई है।
उन्होंने कहा कि इस तरह की अनियमितता का सीधा असर सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) और आम जनता को मिलने वाले खाद्यान्न की गुणवत्ता पर पड़ सकता है।
👉8 हजार क्विंटल से अधिक अमानक चावल की पुष्टि
सदन में जवाब देते हुए खाद्य मंत्री दयालदास बघेल ने बताया कि जांच में यह सामने आया है कि कोरबा जिले में 8 हजार क्विंटल से अधिक अमानक चावल खरीदा गया था। उन्होंने बताया कि इस चावल की अनुमानित कीमत करीब 3 करोड़ 34 लाख रुपये आंकी गई है।
👉अधिकारी निलंबित, अन्य कर्मचारियों पर कार्रवाई

मंत्री बघेल ने कहा कि मामले को गंभीरता से लेते हुए विभाग ने संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की है। उन्होंने बताया कि इस प्रकरण में अधिकारी प्रमोद जांगड़े को निलंबित कर दिया गया है, जबकि अन्य कर्मचारियों की जिम्मेदारी भी तय की जा रही है।
👉एफएसएसएआई से भी कराई गई जांच
इस दौरान नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने मंत्री से पूछा कि संबंधित अधिकारी को कब निलंबित किया गया और जांच की वर्तमान स्थिति क्या है। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में पारदर्शिता जरूरी है।
मंत्री ने बताया कि मामले की जांच के लिए भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) से भी परीक्षण कराया गया है। इसके साथ ही विभाग ने अलग से एक जांच दल का गठन किया है, जो पूरे मामले की विस्तृत जांच कर रहा है।
👉10 कर्मचारियों को नोटिस
मंत्री के अनुसार अब तक दो कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है, जबकि 10 अन्य कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। विभागीय स्तर पर जांच जारी है और दोषियों के खिलाफ आगे भी कार्रवाई की जाएगी।
👉विपक्ष का हंगामा और वॉकआउट

हालांकि मंत्री के जवाब से विपक्ष संतुष्ट नहीं हुआ। कांग्रेस विधायकों ने आरोप लगाया कि इस मामले में असली दोषियों को बचाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी मात्रा में अमानक चावल की खरीदी होना गंभीर अनियमितता है और इसकी निष्पक्ष व उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए।
मामले को लेकर विपक्षी विधायकों ने सदन में नारेबाजी की, जिससे कुछ समय के लिए हंगामे की स्थिति बन गई। अंततः मंत्री के जवाब से असंतुष्ट विपक्षी सदस्यों ने विरोध स्वरूप सदन से बहिर्गमन (वॉकआउट) कर दिया।
