पहले ही चुनाव में थलापति विजय का मास्टरस्ट्रोक ,करुणानिधि -एमजीआर की विरासत को दी चुनौती , DMK कार्यकर्ताओं ने पार्टी ऑफिस से तंबू समेटे …..

एजेंसी । असम, तमिलनाडु, केरलम और पुडुचेरी विधानसभा सीटों पर वोटों की गिनती जारी है। ताजा रुझानों में केरलम, तमिलनाडु और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी के सीएम अपनी-अपनी सीटों पर पीछे चल रहे हैं।

वहीं, तमिलनाडु में बड़ा उलटफेर दिख रहा है। 2 साल पुरानी एक्टर विजय की पार्टी TVK नंबर वन के तौर पर उभरी है। TVK कुल 234 सीटों में से 109 सीटों पर आगे चल रही है।

सत्ताधारी DMK महज 70 सीटों पर बढ़त हासिल कर सकी है। तमिलनाडु के CM स्टालिन अपनी सीट कोलाथुर से पिछड़ गए हैं। वहीं, AIADMK 55 सीटों पर बढ़त के साथ तीसरे नंबर पर है।

👉केरलम में UDF को बढ़त:

कुल 140 सीटों में UDF को 99 सीटों पर बढ़त मिल गई है। LDF को 35 सीटों पर बढ़त मिली हुई है। कांग्रेस नेतृत्व वाली UDF बाजी पलटते हुए दिखाई दे रहा है।

👉असम में भाजपा की हैट्रिक फिर हिमंता सरकार: कुल 126 सीटों में से बीजेपी को 100 सीटों पर बढ़त है। कांग्रेस को 22 सीटें मिलती दिख रही हैं।

👉पुडुचेरी में बीजेपी सरकार: कुल 30 सीटों में बीजेपी गठबंधन को 17 सीटों पर बढ़त मिली हुई है। कांग्रेस गठबंधन को 08 सीटें मिल रही हैं। इधर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 5 राज्यों के नतीजों के बाद जश्न में शामिल होने के लिए शाम करीब 6 बजे BJP हेडक्वॉर्टर पहुंचेंगे और पार्टी कार्यकर्ताओं को भी संबोधित करेंगे।

👉8 साल बाद मिला नया सुपरस्टार

तमिलनाडु की सियासत में नया सुपरस्टार मिल गया है। 8 साल से सुपरहीरो की जो जगह खाली पड़ी थी उसे थलापति विजय भरते हुए दिख रहे हैं। फिल्म स्टार से राज्य की सत्ता तक पहुंचीं जयललिता के 2016 में और 2018 में करुणनिधि के निधन के बाद से ये जगह खाली थी। पिछले 49 साल से राज्य सियासत में चल रहा द्रविड़ राजनीति का दबदबा खत्म होता दिख रहा है।
बीते 49 साल से सिनेमा के सुपरस्टार ही यहां राजनीति के भी नायक हुआ करते थे। फिर चाहे बात एम. करुणानिधि की हो या सुपरस्टार एमजी रामचंद्रन यानी एमजीआर और जे. जयललिता की। इन सभी नामों के अलावा तमिलनाडु की राजनीति में और भी कई ऐसे नाम रहे हैं, जिन्होंने लंबे समय तक इस दक्षिण भारत के राज्य में मजबूत राजनीतिक मौजूदगी दर्ज की है। एमके स्टालिन और उनके बेटे उदयनिधि स्टालिन भले ही तमिल सिनेमा से वास्ता रखते हैं, लेकिन उन्हें भी कॉलीवुड में पहले के अभिनेताओं जैसी लोकप्रियता नहीं मिली। हालांकि, विजय की बात करें तो उनमें वह सब खूबियां रही हैं, जो उन्हें तमिल सिनेमा का सुपरस्टार बनाती हैं। इसीलिए तमिलनाडु में उन्हें उनके पूरे नाम विजय जोसेफ की जगह थलापति विजय के नाम से भी जाना जाता है। थलापति यानी दल का नेतृत्व करने वाला। तमिलनाडु चुनाव के शुरुआती रुझानों को देखा जाए तो सामने आता है कि टीवीके ने राज्य में एकतरफा तौर पर दोनों स्थापित द्रविड़ पार्टियों- द्रविड़ मुनेत्र कझगम (द्रमुक) और अन्नाद्रमुक (एआईएडीएमके) के लिए कड़ी चुनौती पेश की है। आलम यह है कि विजय की सीटें इन दोनों पार्टियों से ही ज्यादा हैं। ऐसे में अगर विजय तमिल की राजनीति के अगले मास्टर (विजय की एक फिल्म का शीर्षक) साबित हों तो इसमें कोई चौंकने वाली बात नहीं होनी चाहिए।
सी. जोसेफ विजय, जिन्हें जोसेफ विजय चंद्रशेखर के नाम से भी जाना जाता है का जन्म 22 जून 1974 को हुआ था। उनके पिता एस. ए. चंद्रशेखर एक फिल्म निर्माता हैं और उनकी मां शोभा चंद्रशेखर एक हिंदू हैं जो फिल्मों में बैकग्राउंड सिंगर रही हैं। विजय का ताल्लुक तमिलनाडु के वेल्लालर समुदाय से है, जो एक संपन्न कृषि समूह है और इसमें हिंदू व ईसाई दोनों धर्मों के लोग शामिल हैं।