NEET पेपर लीक कांड में CBI को बड़ी कामयाबी, NTA की आधिकारिक अनुवादक मनीषा हवालदार गिरफ्तार , व्हाट्सऐप पर बेचे थे फिजिक्स के प्रश्न ….

नई दिल्ली/पुणे । देश की सबसे बड़ी चिकित्सा प्रवेश परीक्षा (NEET) पेपर लीक मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को एक और बड़ी कामयाबी मिली है। इस पूरे घोटाले का पुणे कनेक्शन अब और गहरा गया है। सीबीआई की जांच में यह सनसनीखेज खुलासा हुआ है कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की आधिकारिक अनुवादक (Official Translator) मनीषा हवालदार ने पैसों के लालच में आकर परीक्षा के प्रश्न पत्र लीक किए और उन्हें मोटी रकम के बदले बेचा।

गिरफ्तारी के बाद सीबीआई ने मनीषा हवालदार को रात 12 बजे पुणे की एक विशेष अदालत में पेश किया, जहाँ से जांच एजेंसी ने उसकी ट्रांजिट रिमांड हासिल कर ली है। संभावना है कि आगामी 25 तारीख को उसे दिल्ली की अदालत में पेश किया जाएगा।

👉व्हाट्सएप पर भेजे प्रश्न, पति के फोन का किया इस्तेमाल

सीबीआई जांच के मुताबिक, मनीषा हवालदार एनटीए के लिए नीट परीक्षा के फिजिक्स (भौतिक विज्ञान) विषय के प्रश्नपत्र का अनुवाद करने का काम कर रही थीं। इसी पद का फायदा उठाकर उन्होंने मुख्य आरोपी मनीषा मंधारे के साथ साठगांठ की।

  • हस्तलिखित नोट्स: मनीषा हवालदार ने प्रश्नपत्र से जुड़े महत्वपूर्ण सवालों के हाथ से लिखे हुए (Handwritten) नोट्स तैयार किए।
  • व्हाट्सएप लीक: इन प्रश्नों को व्हाट्सएप के जरिए आगे भेजा गया। साथ ही कुछ प्रश्नों के प्रिंटआउट निकालकर अभ्यर्थियों तक पहुंचाए गए।
  • सबूत मिटाने के लिए पति का फोन: पकड़े जाने के डर से हवालदार ने सबूत छुपाने के लिए अपने पति के मोबाइल फोन का इस्तेमाल किया और मनीषा मंधारे को प्रश्नों की लिस्ट भेजी थी।

👉सबूत मिटाने की शातिराना कोशिश: नोट्स जलाए, चैट्स डिलीट किए

जांच एजेंसी के हाथ कोई सबूत न लग सके, इसके लिए आरोपियों ने बेहद शातिराना तरीका अपनाया:
मनीषा हवालदार ने भौतिक विज्ञान के प्रश्नों वाले सभी मूल (Original) नोट्स को जलाकर राख कर दिया।
गिरफ्तारी और तकनीकी जांच से बचने के लिए मनीषा हवालदार और मनीषा मंधारे के बीच व्हाट्सएप पर हुई सारी बातचीत (Chat History) को भी पूरी तरह डिलीट कर दिया गया।

👉’सुपर कंप्यूटर’ जैसी याददाश्त:
बिना डिजिटल सबूत के हैरान सीबीआई अधिकारी

इस मामले की दूसरी मुख्य आरोपी मनीषा मंधारे को अदालत ने पहले ही 14 दिनों की सीबीआई हिरासत में भेज दिया है। हालांकि, मंधारे से पूछताछ में जांच एजेंसी को गंभीर तकनीकी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

  • बिना कागज़-पेन के याद किए सवाल: सूत्रों के मुताबिक, मनीषा मंधारे की स्मरण शक्ति (Memory) गजब की है। उसने अपनी इसी खूबी का फायदा उठाते हुए नीट परीक्षा के सारे सवाल मुंहजुबानी याद कर लिए थे। उसने अपने पीछे कोई भी डिजिटल या कागजी सबूत नहीं छोड़ा, जिससे सीबीआई के अधिकारी भी हैरान हैं।

👉ऐसे खुला राज:

इस पूरे नेक्सस का पर्दाफाश तब हुआ जब मामले की एक अन्य आरोपी मनीषा वाघमारे ने सीबीआई की कड़ी पूछताछ में मनीषा मंधारे के नाम और इस पूरे खेल का खुलासा किया। फिलहाल सीबीआई दोनों आरोपियों को आमने-सामने बिठाकर पूछताछ करने और डिलीट किए गए डेटा को रिकवर करने की कोशिश में जुटी है।

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