KORBA : सड़क किनारे राखड़ डंप करने के वायरल वीडियो से एक्शन मोड़ में आया पर्यावरण विभाग , HEMS कार्पोरेशन को वीडियो जारी कर मांगा जवाब ,होगी कार्रवाई या महज कागजी औपचारिकताएँ ! टिकी निगाहें …

कोरबा। कोथारी सड़क किनारे बड़ी मात्रा में फ्लाई ऐश (राख) डंप किए जाने का मामला अब तूल पकड़ने लगा है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो ने न केवल पर्यावरणीय नियमों की पोल खोल दी है, बल्कि जिम्मेदार एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए क्षेत्रीय पर्यावरण अधिकारी प्रसन्ना सोनकर ने सीएसईबी प्रबंधन की फ्लाई ऐश यूटिलाइजेशन यूनिट से स्पष्टीकरण तलब किया है।

जानकारी के अनुसार, HEMS कॉरपोरेशन द्वारा सीएसईबी से प्राप्त फ्लाई ऐश को निर्धारित प्रक्रिया और आवश्यक अनुमति के बिना कोथारी सड़क किनारे खुले में डंप किए जाने का आरोप है। वायरल वीडियो में सड़क के किनारे फैली राख स्पष्ट दिखाई दे रही है, जिससे पर्यावरणीय मानकों के पालन पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।

👉कार्रवाई होगी या फिर सिर्फ नोटिसबाजी?

पर्यावरण विभाग द्वारा जवाब तलब किए जाने के बाद लोगों की निगाहें अब आगे की कार्रवाई पर टिक गई हैं। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि ऐसे मामलों में अक्सर विभागीय कार्रवाई केवल नोटिस, स्पष्टीकरण और पत्राचार तक सीमित रह जाती है। नियमों के खुले उल्लंघन के बावजूद जिम्मेदार पक्षों पर ठोस दंडात्मक कार्रवाई नहीं होने से अवैध डंपिंग का सिलसिला लगातार जारी रहता है।

‘लेटर-लेटर’ के खेल पर उठे सवाल
क्षेत्र में यह चर्चा भी तेज है कि पर्यावरणीय मामलों में अक्सर कार्रवाई का अंत नोटिस जारी करने और जवाब मांगने तक ही सीमित रह जाता है। सवाल यह है कि क्या इस बार भी मामला फाइलों में दब जाएगा या फिर जिम्मेदारों की जवाबदेही तय होगी? लोगों का कहना है कि यदि नियमों का उल्लंघन साबित होता है तो केवल कागजी कार्रवाई नहीं, बल्कि सख्त दंडात्मक कदम भी उठाए जाने चाहिए।

👉पर्यावरण और जनस्वास्थ्य दोनों पर खतरा

विशेषज्ञों के अनुसार फ्लाई ऐश का अनियंत्रित और खुले में डंपिंग गंभीर पर्यावरणीय खतरा पैदा कर सकता है। इससे धूल प्रदूषण बढ़ने के साथ-साथ आसपास रहने वाले लोगों के स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल असर पड़ सकता है। बरसात के मौसम में यही राख बहकर^ जलस्रोतों और कृषि भूमि तक पहुंच सकती है, जिससे पर्यावरणीय नुकसान और बढ़ने की आशंका है।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि पर्यावरण विभाग की कार्रवाई नोटिस और जवाब तक सीमित रहेगी या फिर फ्लाई ऐश डंपिंग के लिए जिम्मेदार पक्षों पर वास्तविक और प्रभावी कार्रवाई भी देखने को मिलेगी।