रायपुर। छत्तीसगढ़ की सियासत से इस वक्त की सबसे बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अचानक अपने कैबिनेट के सभी मंत्रियों को ‘सीएम हाउस’ तलब कर लिया है। इस औचक बुलावे के बाद से पूरे भाजपा खेमे और प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया है। राजधानी रायपुर से लेकर दिल्ली तक के राजनीतिक गलियारों में कयासों का दौर बेहद तेज हो गया है।
👉रात 9 बजे का बुलावा और वो ‘खाली कुर्सियां’
सूत्रों से मिली पुख्ता जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सभी मंत्रियों को रात ठीक 9 बजे मुख्यमंत्री निवास पहुंचने का कड़ा निर्देश दिया था। लेकिन इस खबर के लिखे जाने तक केवल 8 मंत्री ही सीएम हाउस पहुंचे थे। बाकी मंत्रियों के अब तक न पहुंचने को लेकर भी कई तरह के सस्पेंस भरे कयास लगाए जा रहे हैं। क्या यह केवल लेटलतीफी है, या फिर इसके पीछे कोई गहरी सियासी नाराजगी छिपी है?
👉परफॉर्मेंस पर ‘पर्चा’ या कैबिनेट से छुट्टी?

इस अचानक बुलाई गई बैठक को लेकर छत्तीसगढ़ की राजनीति में सस्पेंस गहरा गया है। पिछले कुछ समय से लगातार यह चर्चा चल रही थी कि साय कैबिनेट में बड़ा फेरबदल हो सकता है।
👉खराब रिपोर्ट कार्ड: सूत्रों का दावा है कि कुछ मंत्रियों के कामकाज और उनके विभागों की धीमी परफॉर्मेंस से शीर्ष नेतृत्व खुश नहीं है।
नए चेहरों को मौका: चर्चा यह भी है कि इस फेरबदल के जरिए कुछ ‘सुस्त’ मंत्रियों को बाहर का रास्ता दिखाया जा सकता है और उनकी जगह ऊर्जावान, नए विधायकों को कैबिनेट में जगह दी जा सकती है।
👉बड़ा सवाल: क्या मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज रात ही कोई बड़ा और कड़ा फैसला लेने वाले हैं? क्या छत्तीसगढ़ कैबिनेट का चेहरा बदलने वाला है?
👉सीएम हाउस से ‘रहस्यमयी’ चुप्पी
इस पूरे घटनाक्रम को लेकर मुख्यमंत्री निवास (CM House) की तरफ से अभी तक कोई भी आधिकारिक बयान या जानकारी साझा नहीं की गई है। भीतर क्या चल रहा है, इस पर पूरी तरह से गोपनीयता बरती जा रही है। यही ‘रहस्यमयी चुप्पी’ इस पूरी घटना को और ज्यादा सनसनीखेज बना रही है। मंत्रियों के चेहरे पर छाई हवाइयां और सीएम हाउस के बाहर जुटती मीडिया की भीड़ यह बताने के लिए काफी है कि छत्तीसगढ़ की राजनीति में आज की रात बहुत भारी होने वाली है।
अब देखना होगा कि इस बंद कमरे की बैठक से क्या फैसला बाहर निकलकर आता है—क्या यह सिर्फ एक रूटीन समीक्षा बैठक है, या फिर छत्तीसगढ़ की राजनीति में कोई बड़ा ‘धमाका’ होने वाला है।
सोर्स -thekhatiyakhadi.com
