रायपुर । राजधानी रायपुर में नकटी गांव में हुई बुलडोजर कार्रवाई अब सरकार के लिए बड़ा राजनीतिक संकट बनती जा रही है। 3 दिन पहले 80 मकानों पर चली बुलडोजर कार्रवाई के खिलाफ शुरू हुआ विरोध अब राजधानी की सड़कों तक पहुंच गया है। विस्थापित ग्रामीण पहले कलेक्ट्रेट के सामने धरने पर बैठे, फिर मंत्री ओपी चौधरी के बंगले का घेराव किया और अब मुख्यमंत्री आवास पहुंचकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। प्रदर्शन में कांग्रेस कार्यकर्ता भी शामिल हैं, जिससे इस पूरे विवाद ने सियासी रंग और गहरा कर लिया है।

गौरतलब है कि राजधानी रायपुर के नकटी गांव में बुलडोजर कार्रवाई के बाद से सरकार लगातार विपक्ष के निशाने पर है। पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव प्रभावित परिवारों से मिलने गांव पहुंचे। पीसीसी चीफ दीपक बैज इस मुद्दे को लेकर शुरू से ही सरकार कोे घेरने में जुटे हुए है। रही सही कसर भाजपा के वरिष्ठ नेता और रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने इस कार्रवाई पर सवाल उठाकर पूरी कर दी। फिर क्या है सूबे की साय सरकार विपक्षी पार्टी कांग्रेस के साथ ही अपनी पार्टी के सीनियर लीडर के निशानेे पर आ गयी है।
बुलडोजर कार्रवाई पर छिड़ी राजनीति के बीच अब विस्थापित परिवार सड़क की लड़ाई पर उतारू हो गये है। दोपहर के वक्त कलेक्टर कार्यालय का घेराव करने के बाद देर शाम को ग्रामीणों ने मंत्री ओ.पी.चैधरी के आवास का घेराव कर दिया। रात होेते-होते ग्रामीणोें की भीड़ सीएम हाउस के पास पहुंच गयी। उधर सीएम हाउस के बाहर प्रदर्शन की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन अलर्ट हो गया। सीएम निवास के बाहर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है और पूरे इलाके की सुरक्षा बढ़ा दी गई। दूसरी ओर ग्रामीणों ने साफ कर दिया है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, उनका आंदोलन जारी रहेगा।
राजधानी रायपुर में नकटी गांव का विवाद अब केवल अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई नहीं रह गया है। यह मामला सरकार की संवेदनशीलता, पुनर्वास नीति और प्रशासनिक फैसलों पर भी सवाल खड़े कर रहा है। सबसे बड़ी बात यह है कि सरकार को अब सिर्फ विपक्ष ही नहीं, बल्कि अपनी ही पार्टी के सीनियर लीडर बृजमोहन अग्रवाल के सार्वजनिक विरोध का भी सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में मुख्यमंत्री आवास तक पहुंचे इस आंदोलन ने साफ संकेत दे दियें है कि यदि सरकार जल्द कोई समाधान नहीं निकालती है, तो नकटी का मुद्दा आने वाले दिनों में प्रदेश की राजनीति का सबसे बड़ा विवाद बन सकता है।
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