KORBA : नियमों को ठेंगा,शहर में निर्धारित समय के बाद भी संचालित हो रहे बार, ONC क्लब, सेंटर पॉइंट में पुलिस की छापेमारी में देर रात परोसी जा रही थी शराब,दोनों बार के मैनेजर पर FIR ,लिए गए हिरासत में ,आबकारी विभाग पर उठे सवाल ?

कोरबा । कोरबा जिले में देर रात तक बार संचालित कर आबकारी नियमों का खुलेआम उल्लंघन करने वालों के खिलाफ पुलिस ने सख्त कार्रवाई की है। सजग कोरबा- सतर्क कोरबा अभियान के तहत पाम मॉल स्थित ‘वन नाइट क्लब‘ और सेंटर प्वाइंट स्थित बार में देर रात पुलिस की टीम ने छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान दोनों बार में निर्धारित समय के बाद भी ग्राहकों को शराब परोसी जाती मिली। जिस पर एक्शन लेते हुए पुलिस ने बार के मैनेजर के खिलाफ अपराध दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की है। वहीं पुलिस की इस कार्रवाई ने एक बार फिर आबकारी विभाग की उदासीनता के साथ ही कार्य प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिये है।

गौरतलब है कि कोरबा जिले में नशे के कारण बढ़ते अपराध को लेकर एसपी सिद्धार्थ तिवारी ने गंभीरता दिखाई है। अवैध नशेे के काराबार के साथ ही नियमों का उल्लंघन कर बार का संचालन करने वालों के खिलाफ एसपी ने सख्त कार्रवाई के निर्देश दे रखे है। एसपी के सख्त निर्देश के बाद एएसपी लखन पटले खुद पुलिस टीम के साथ देर रात फील्ड में उतरे। पुलिस की छापामार कार्रवाई में शहर के पाॅम माॅल में संचालित ओेएनसी बार और सेंटर पाइंट बार में देर रात तक शराब परोसा जा रहा था।

पुलिस बार में देर रात तक मौजूद ग्राहकों का फटकार लगाने के साथ ही दोनों बार के मैनेजर के खिलाफ कानून कार्रवाई करते हुए एफआईआर दर्ज किया गया। आपको बता दे यह वही ओएनसी (वन नाइट क्लब) बार है, जहां पिछले दिनों शराब पीकर निकले एक युवक ने अपनी स्कॉर्पियो को मॉल की सीढ़ियों पर चढ़ाने की कोशिश की थी। उस घटना में भी कोरबा पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर मामला दर्ज किया था। इसके बावजूद उसी प्रतिष्ठान में दोबारा नियमों का उल्लंघन सामने आने से निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं।

👉आबकारी विभाग की भूमिका पर उठे सवाल

पुलिस की कार्रवाई के बाद अब आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली भी चर्चा के केंद्र में है। बारों के संचालन का समय तय कर उसका पालन सुनिश्चित कराने की जिम्मेदारी आबकारी विभाग की होती है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जब दोनों बारों में कथित तौर पर लगातार देर रात तक शराब परोसी जा रही थी, तब विभाग की निरीक्षण व्यवस्था क्या कर रही थी ? पुलिस की छापेमारी में जो अनियमितताएं सामने आईं।

उन्होंने यह बहस भी तेज कर दी है कि क्या नियमों के पालन की निगरानी नियमित रूप से हो रही है या कार्रवाई केवल शिकायत मिलने के बाद ही हो रही है। हालांकि, इस मामले में आबकारी विभाग की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। कोरबा पुलिस का कहना है कि “सजग कोरबा, सतर्क कोरबा” अभियान के तहत कानून का उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यक्ति या प्रतिष्ठान के खिलाफ आगे भी इसी तरह की कार्रवाई जारी रहेगी। वहीं, इस कार्रवाई के बाद अब निगाहें आबकारी विभाग पर हैं कि वह नियमों के पालन को लेकर क्या कदम उठाता है।