कोरबा । अपर सत्र न्यायालय (एफटीसी) एवं विशेष पॉक्सो न्यायालय, कोरबा ने नाबालिग से जुड़े एक मामले में आरोपी ओम प्रकाश कश्यप को दोषी ठहराते हुए तीन वर्ष के सश्रम कारावास व अर्थदण्ड की सजा सुनाई है। प्रकरण में राज्य की ओर से सुनील कुमार मिश्रा विशेष लोक अभियोजक ने मजबूत पैरवी की।

बताया गया कि प्रार्थिया की नाबालिक पुत्री का आपत्तिजनक अश्लील फोटोग्राफ्स को आरोपी ओमप्रकाश कश्यप ने अपने मोबाईल से खींचकर इंस्टाग्राम में तथा प्रार्थी के साला के वाट्सअप में पोस्ट कर दिया था, जो समझाने पर हटा दिया था। प्रार्थी की पुत्री/पीडिता तीन चार माह से आरोपी से बात करना छोड़ दी थी। दिनाँक 12.06.2025 को शाम 3-4 बजे इस्टाग्राम आईडी से किसी व्यक्ति के द्वारा पीड़िता एवं आरोपी ओमप्रकाश कश्यप के आपत्ति जनक अश्लील फोटोग्राफ्स को इंस्टाग्राम में भेजा गया। प्रार्थी की लिखित शिकायत पर थाना उरगा में धारा 74, 79 BNS एवं धारा 8, 14(1) POCSO Act. एवं 67 (बी) आई.टी. एक्ट के तहत प्रथम रिपोर्ट दर्ज कर ओम प्रकाश कश्यप, पिता रमेश कुमार कश्यप, उम्र-19 वर्ष, निवासी- कुरुडीह सोहागपुर को गिरफ्तार कर जेल दाखिल कराया गया।
न्यायालय में विचाराधीन इस प्रकरण में अपर सत्र न्यायाधीश (F.T.C.) (पीठासीन न्यायाधीश – सीमा प्रताप चंद्रा ने प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर आरोपी को भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 74, 77, 331(3) तथा पॉक्सो एक्ट की धारा 8 के तहत दोषी पाया।
न्यायालय ने अपने दण्डादेश में कहा कि आरोपी को दी गई सभी सजाएं एक साथ प्रभावी रहेंगी। सभी धाराओं में 3-3 वर्ष की सश्रम कैद,1-1 हजार रुपए का अर्थदंड, व राशि जमा नहीं करने की स्थिति में 3-3 माह का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा।
