तिब्बत से आई बाढ़ ने नेपाल में मचाई भीषण तबाही! 95 की मौत, 105 भारतीय-291 विदेशी टूरिस्ट लापता, बिहार-UP में अलर्ट …

चीन । चीन के तिब्बत में हिमस्खलन ने भारी तबाही मचा दी है। हाल यह है कि बुधवार सुबह (26 अगस्त) को तिब्बत से निकलकर नेपाल में बहने वाली भोटेकोशी नदी का पानी अचानक बढ़ गया।
इसके चलते, बाढ़ की स्थिति पैदा हुई और नेपाल के रसुवा जिले में प्रलय छा गया। बताया जा रहा है कि टिमुरे और स्याब्रुबेसी इलाके के कई घरों, बाजारों और दूसरी संपत्तियों को नुकसान पहुंचा है।
नेपाल पुलिस के मुताबिक, अब तक 95 लोगों के मौत की खबर है। नेपाल के पर्यटन विभाग के मुताबिक, 500 से ज्यादा लोग लापता हैं। इनमें 133 भारतीय समेत 300 से ज्यादा विदेशी पर्यटक हैं। राहत और बचाव अभियान जारी है।

बाढ़ का असर नेपाल से होते हुए भारत की ओर आने वाली नदियों पर भी पड़ने की आशंका है। खासकर नेपाल से सटे बिहार के 8 जिलों के लिए भी आफत खड़ी हो गई है। गंडक नदी के जलस्तर को लेकर बिहार में चिंता बढ़ गई है।

👉तिब्बत से अचानक आया पानी, रसुवा में मची तबाही

रसुवा जिले में भोटेकोशी नदी का पानी अचानक तेजी से बढ़ा। बाढ़ ने नदी किनारे बसे इलाकों में कई घरों और दुकानों को नुकसान पहुंचाया। टिमुरे और स्याफ्रुबेसी बाजार सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्रों में बताए जा रहे हैं। कई वाहन और सामान पानी के तेज बहाव में बह गए। कुछ पुल और दूसरी बुनियादी संरचनाएं भी क्षतिग्रस्त हुई हैं। हाइड्रोपावर परियोजनाओं को भी नुकसान पहुंचने की जानकारी सामने आई है।

👉अब तक 95 मौतें, 36 घायलों का रेस्क्यू

नेपाल सेना के प्रवक्ता के मुताबिक, बुधवार दोपहर तक कम से कम 7 लोगों की मौत की पुष्टि हुई थी और 25 लोगों को सुरक्षित निकाला गया था। हालांकि, यह संख्या शाम 4 बजे तक काफी बढ़ गई। नेपाल सरकार के जारी आंकड़ों के मुताबिक, अब तक 55 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 36 से ज्यादा घायलों का रेस्क्यू किया जा चुका है। सेना, सशस्त्र पुलिस बल और नेपाल पुलिस को राहत एवं बचाव अभियान में लगाया गया है। खोज और बचाव के लिए 14 हेलिकॉप्टर तैनात किए गए हैं।

👉9 सुरक्षाकर्मी भी लापता

नेपाल-चीन सीमा के पास टिमुरे में तैनात सशस्त्र पुलिस बल के 9 जवानों से संपर्क नहीं हो पाया है। बचाव दल उनकी तलाश में जुटे हैं। टिमुरे इलाके में बाढ़ का असर इतना ज्यादा था कि वहां मौजूद हेलिपैड भी पानी में बह गया। ऐसे में बचाव के लिए भेजे गए हेलिकॉप्टर को सुरक्षित लैंडिंग की जगह नहीं मिल सकी। स्थानीय रिपोर्टों में टिमुरे बाजार के बड़े हिस्से के तबाह होने की बात कही गई है।

👉बिहार तक क्यों बढ़ी चिंता? किन 8 जिलों में अलर्ट?

भोटेकोशी नदी आगे चलकर नेपाल की बड़ी नदी प्रणाली में मिलती है और इसका पानी भारत की ओर आने वाले नदी तंत्र को प्रभावित कर सकता है। इसी वजह से बिहार में गंडक नदी को लेकर प्रशासन सतर्क है। बिहार के किन 8 जिलों में अलर्ट?

पश्चिमी चंपारण (बेतिया)
पूर्वी चंपारण (मोतिहारी)
गोपालगंज
सारण
मुजफ्फरपुर
वैशाली
सीतामढ़ी
शिवहर
गंडक का जलस्तर पहले भी नेपाल के कैचमेंट में बारिश के बाद बिहार में तेजी से बढ़ता रहा है। बिहार के जल संसाधन विभाग के आंकड़ों में गंडक के कई स्टेशनों पर जलस्तर की निगरानी दर्ज है।

👉बिहार में गंडक को लेकर क्या खतरा?

गंडक नदी के अचानक बढ़ते जलस्तर से पश्चिमी चंपारण, गोपालगंज, वैशाली और मुजफ्फरपुर समेत निचले इलाकों में खतरा बढ़ सकता है। प्रशासन को नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह देनी पड़ सकती है। बिहार में नेपाल के जलग्रहण क्षेत्र में बारिश का असर पहले भी गंडक, बागमती, कमला बलान और कोसी जैसी नदियों के जलस्तर पर पड़ता रहा है।

👉UP: महाराजगंज-कुशीनगर में अलर्ट

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नेपाल में अचानक आई बाढ़ पर चिंता जताई और महाराजगंज और कुशीनगर जिलों के प्रशासन को किसी भी संभावित आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी जरूरी उपाय करने के निर्देश दिए। एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि बाढ़ के कारण पड़ोसी जिलों में गंडक और नारायणी नदियों का जलस्तर बढ़ सकता है। महाराजगंज की सीमा नेपाल से लगती है और कुशीनगर, महाराजगंज से सटा हुआ है। बयान में कहा गया है कि उन्होंने महाराजगंज और कुशीनगर के स्थानीय प्रशासन को किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तैयारी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

👉प्रधानमंत्री बालेन शाह ने सेना और सुरक्षा बलों को लगाया

नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह ने प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव अभियान तेज करने के निर्देश दिए हैं। नेपाल सेना, सशस्त्र पुलिस बल और नेपाल पुलिस को अभियान में लगाया गया है। प्रभावित इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षाकर्मियों के साथ मेडिकल टीम और एंबुलेंस भेजने की भी तैयारी की गई है। नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की गई है।