दिल्ली। आजादी के बाद पहली बार हो रही जाति जनगणना पर कांग्रेस को सहयोगी दलों का साथ नहीं मिल रहा है। जाति जनगणना कराने के तरीके पर कांग्रेस आक्रमक है ।

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर जनगणना में ओबीसी जातियों को गिनने के तरीके पर आपत्ति जताई है, लेकिन कांग्रेस के सहयोगी दलों की ओर से इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।
हैरानी की बात यह ओबीसी की राजनीति करने वाली पार्टियों ने इस मुद्दे पर चुप्पी साध रखी है।
दरअसल जातियों की गणना के लिए जनगणना के फार्म में खुद अपनी जाति बताने को कहा गया है। कांग्रेस का कहना है कि इससे 2012 की सामाजिक आर्थिक जाति जनगणना (एसईसीसी) की तरह लाखों जातियां सामने आ जाएगी, जिससे जाति गणना का पूरा उद्देश्य ही विफल हो जाएगा।
👉जाति जनगणना पर कांग्रेस का हल्ला बोल
2012 के एसईसीसी में जातियों की संख्या 46 लाख 70 हजार से अधिक दर्ज की गई थी। कांग्रेस जनगणना में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति की तरह ओबीसी का अलग से कालम बनाने और उनमें ओबीसी जातियों को सूची लगाकर ड्राप डाउन से जाति चुनने का विकल्प देने की बात कर रही है। कांग्रेस का कहना है कि बिहार और तेलंगाना में इसी तरीके से ओबीसी जातियों की गिनती की गई थी।
