‘खुद को G7 क्यों कहते हैं, पता नहीं…’, BRICS से पहले पुतिन का पश्चिमी देशों पर तंज …

दिल्ली । रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने शुक्रवार को ब्रिक्स देशों के गतिशील एवं मजबूत घरेलू बाजारों का जिक्र करते हुए कहा कि उनका देश वैश्विक ऊर्जा और खाद्य सुरक्षा में योगदान देने के लिए तैयार है।

पुतिन ने राष्ट्रीय राजधानी में ‘ब्रिक्स बिजनेस फोरम’ को संबोधित करते हुए कहा कि दुनिया इस समय संरचनात्मक और बड़े बदलावों के दौर से गुजर रही है।

👉पुतिन ने पश्चिमी देशों पर साधा निशाना

वहीं, व्लादिमीर पुतिन ने पश्चिमी देशों पर निशाना साधते हुए कहा कि मौजूदा दौर में अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा कई बार ‘कुरूप रूप’ ले रही है। उन्होंने कहा कि अब सरकारों और देशों के स्तर पर भी ऐसी प्रतिस्पर्धा देखने को मिल रही है, जिसमें पाइपलाइनों को नष्ट करने, अंतरराष्ट्रीय परिवहन गलियारों को रोकने और समुद्री जहाजों को जब्त करने जैसी कार्रवाइयां शामिल हैं।

पुतिन ने कहा कि कुछ देशों पर अपने हितों के मुताबिक चलने का दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने तथाकथित ‘सेकेंडरी सैंक्शंस’ का भी जिक्र किया और कहा कि उन देशों को भी प्रतिबंधों की धमकी दी जाती है जो किसी दूसरे के हितों के बजाय अपने राष्ट्रीय हितों को प्राथमिकता देना चाहते हैं।

उन्होंने कहा कि पिछले पांच सालों में ब्रिक्स देशों का ग्लोबल जीडीपी में 40% से ज्यादा हिस्सा रहा, जबकि जी 7 का योगदान सिर्फ 29% रहा। राष्ट्रपति ने आगे कहा कि ब्रिक्स देशों का ग्लोबल इकोनॉमिक ग्रोथ में लगभग आधा हिस्सा रहा, जबकि जी 7 का योगदान 20% से भी कम रहा। उन्होंने पश्चिम देशों पर तंज कसते हुए कहा कि पता नहीं, वो खुद को जी 7 क्यों कहते हैं।

बता दें कि G7 यानी ग्रुप ऑफ सेवन में अमेरिका, कनाडा, ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, इटली और जापान शामिल हैं। ये दुनिया की प्रमुख विकसित अर्थव्यवस्थाएं हैं और वैश्विक अर्थव्यवस्था, व्यापार, सुरक्षा व भू-राजनीतिक मुद्दों पर आपसी सहयोग के लिए मंच पर चर्चा करती हैं। यूरोपीय संघ भी G7 की बैठकों में हिस्सा लेता है, लेकिन वह G7 के सात सदस्य देशों में शामिल नहीं है।

👉रूस पर 30 हजार से ज्यादा प्रतिबंध’

रूसी राष्ट्रपति ने दावा किया कि रूस पर 30,000 से ज्यादा प्रतिबंध लगाए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि यह संख्या दुनिया के अन्य सभी देशों पर लगाए गए प्रतिबंधों की संयुक्त संख्या से भी करीब दोगुनी है। पुतिन ने कहा कि इन कठिन परिस्थितियों के बावजूद रूस ने सक्रिय तरीके से काम किया है और कई क्षेत्रों में बड़ी सफलता हासिल की है। उन्होंने दावा किया कि प्रतिबंधों के दबाव के बीच रूस ने अपनी राष्ट्रीय संप्रभुता को और मजबूत किया है और ऐसे साझेदारों के साथ संबंध विकसित किए हैं जिन्हें वह विश्वसनीय और भरोसेमंद मानता है।

👉रूस की आर्थिक ग्रोथ दुनिया के औसत से बेहतर’

पुतिन ने रूस की अर्थव्यवस्था का जिक्र करते हुए कहा कि पिछले तीन वर्षों में रूस की आर्थिक वृद्धि दुनिया की औसत वृद्धि दर से बेहतर रही है। उन्होंने कहा कि रूस ने अपनी अर्थव्यवस्था में संरचनात्मक बदलाव किए हैं, जिससे वह ज्यादा लचीली और बदलती परिस्थितियों के अनुकूल बनने में सक्षम हुई है।

रूसी राष्ट्रपति ने कहा कि मौजूदा वैश्विक आर्थिक और भू-राजनीतिक परिस्थितियों में भरोसेमंद साझेदारों के साथ सहयोग और मजबूत कारोबारी रिश्ते बेहद महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने ब्रिक्स देशों के बीच आर्थिक सहयोग को और मजबूत करने पर जोर दिया।

👉प्रतिस्पर्धा का कुरूप रूप’

पुतिन ने कहा कि वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा कभी-कभी आर्थिक क्षेत्र से आगे बढ़कर दबाव और टकराव का रूप ले लेती है। उन्होंने पाइपलाइन, परिवहन गलियारों और समुद्री मार्गों से जुड़े मामलों का जिक्र करते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय आर्थिक संबंधों में भरोसा और स्थिरता बनाए रखना जरूरी है। उन्होंने कहा कि ऐसे माहौल में रूस विश्वसनीय और पूर्वानुमानित साझेदारों के साथ अपने संबंधों को मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। ब्रिक्स को उन्होंने इसी बदलती वैश्विक आर्थिक व्यवस्था में सहयोग का एक महत्वपूर्ण मंच बताया।