नई दिल्ली। UPICharges ₹2,000 से अधिक के मर्चेंट UPI पेमेंट पर लागू किए गए MDR (Merchant Discount Rate) शुल्क का मामला अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। इस व्यवस्था को चुनौती देते हुए एडवोकेट अंजन दत्ता की ओर से याचिका दायर की गई है। याचिका में संबंधित अधिसूचना और 15 सितंबर को जारी MDR फ्रेमवर्क को रद्द करने की मांग की गई है। याचिकाकर्ता का दावा है कि यह फैसला पर्याप्त कानूनी आधार के बिना लिया गया है।

इस मुद्दे को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने UPI पर शुल्क लगाने के फैसले को लेकर सरकार पर निशाना साधते हुए इसे वापस लेने की मांग की है। कांग्रेस नेता कार्ति चिदंबरम ने भी ₹2,000 से अधिक के मर्चेंट लेन-देन पर MDR लागू किए जाने पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आशंका जताई कि भविष्य में इसका बोझ ग्राहकों पर पड़ सकता है।
👉क्या है नई UPI शुल्क व्यवस्था ?
सरकार द्वारा घोषित व्यवस्था के अनुसार 15 अक्टूबर से ₹2,000 से अधिक के बड़े मर्चेंट UPI भुगतान पर 0.4 प्रतिशत MDR लागू किया जाना है। वहीं, ₹75,000 या उससे अधिक के भुगतान पर MDR की अधिकतम सीमा ₹300 निर्धारित की गई है। यह शुल्क मर्चेंट लेन-देन से संबंधित है और इसे लेकर अब सुप्रीम कोर्ट में कानूनी चुनौती दी गई है।
अब इस मामले में सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई और आगे की कार्रवाई पर नजर रहेगी।
