CG : फोटोग्राफ्स का पता नहीं और आँगनबाड़ी केंद्रों के रँगरोगन के नाम पर कर दिए 25 लाख रुपए से अधिक का भुगतान…

0 दस्तावेजी शिकायत की अनदेखी पर कमिश्नर सख्त,कलेक्टर को जांच के आदेश ,पर महीनों से लटकी जांच,उठे सवाल ? ….

हसदेव एक्सप्रेस न्यूज रायपुर- बिलासपुर -रायगढ़। महिला एवं बाल विकास विभाग में आंगनबाड़ी केंद्रों के रंगरोगन/पुताई कार्य के लिए प्रतिवर्ष मिलने वाली राशि का जमकर बंदरबाट हो रहा है। कहीं आधी अधूरी पुताई तो कहीं बिना पुताई किए ही ठेकेदार अफसरों की जुगलबंदी में शासकीय धनराशि का भुगतान प्राप्त कर लिया जा रहा है। रायगढ़ जिले के एकीकृत बाल विकास परियोजना रायगढ़ ग्रामीण एवं रायगढ़ शहरी में तो वित्तीय वर्ष 2024 -25 एवं 2025-26 में प्राप्त आबंटन 25 लाख 80 हजार रुपए की शासकीय धनराशि का जमकर बंदरबाट हुआ है। बिना फोटोग्राफ्स प्राप्त किए 430 आँगनबाड़ी केंद्रों के लिए फर्मों को अनुचित एवं अवैद्यानिक तरीके से भुगतान किया गया है। सचिव महिला एवं बाल विकास विभाग के उपरांत,राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री कार्यालय तक पहुंची दस्तावेजी साक्ष्यमय शिकायत के उपरांत कमिश्नर कार्यालय ने संज्ञान लेकर मामले में कलेक्टर को जांच के आदेश दिए हैं। लेकिन महीनों बीतने के बाद भी जांच प्रतिवेदन लंबित रहने से कलेक्टर कार्यालय की कार्यशैली भी अब कटघरे में आ गई है। मामले में अब शिकायत सीधे पीएमओ तक पहुंच गई है।

यहाँ बताना होगा कि पत्र क्रमांक 9646 एवं 9447 दिनांक 05.08 .2026 के माध्यम से मुख्यमंत्री एवं महामहिम राज्यपाल को पत्र लेखकर इस फर्जीवाड़े की शिकायत की गई थी। जिसके माध्यम से वित्तीय वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 में कार्यालय एकीकृत बाल विकास परियोजना रायगढ़ ग्रामीण ,जिला -रायगढ़ (छ.ग.)के अंतर्गत संचालित 274 आंगनबाड़ी केंद्रों में एवं एकीकृत बाल विकास परियोजना रायगढ़ शहरी ,जिला -रायगढ़ (छग) के अंतर्गत संचालित 156 आंगनबाड़ी केंद्रों में रंगरोगन /पुताई कार्य के लिए प्राप्त आबंटन कुल 25 लाख 80 हजार की राशि का बिना फोटोग्राफ्स के फर्मों को रँगरोगन कार्य का भुगतान कर शासनादेश के नियमों की अवहेलना करने वाले जिम्मेदार परियोजना अधिकारी एवं शाखा लिपिक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर विभागीय जांच संस्थित कराने संबधी दस्तावेजी शिकायत की अनदेखी कर कार्यालय सचिव महिला एवं बाल विकास मंत्रालय महानदी भवन नवा रायपुर अटल नगर (छग) द्वारा संरक्षण प्रदान किए जाने के मामले में नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही किए जाने का अनुरोध किया गया था।

पत्र के माध्यम से अवगत कराया गया था कि कार्यालय सचिव महिला एवं बाल विकास मंत्रालय महानदी भवन नवा रायपुर अटल नगर (छग) के यहाँ पत्र क्रमांक 9401 दिनांक 14 /07 /2026 के माध्यम से
एकीकृत बाल विकास परियोजना रायगढ़ ग्रामीण ,रायगढ़ शहरी जिला -रायगढ़ (छ.ग.)के अंतर्गत संचालित 430 आँगनबाड़ी केंद्रों में वित्तीय वर्ष 2024-25 एवं 2025 -26 में प्राप्त आबंटन में कराए 25 लाख 80 हजार की राशि में रंगरोगन/पुताई कार्य के नाम पर खानापूर्ति कर फर्जीवाड़ा किए जाने के मामले दस्तावेजी शिकायत प्रस्तुत कर जिम्मदार परियोजना अधिकारी एवं शाखा लिपिक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर विभागीय जांच संस्थित कराने का अनुरोध किया था।

पत्र के माध्यम से सचिव महोदय को अवगत कराया था कि मेरे द्वारा कार्यालय परियोजना अधिकारी एकीकृत बाल विकास परियोजना -रायगढ़ ग्रामीण जिला -रायगढ़ (छ.ग.) के यहाँ सूचना के अधिकार अधिनियम 2005 के तहत क्रमशः पत्र क्रमांक 9151 ,9152 दिनांक 08.06.2026 के माध्यम से पत्र व्यवहार कर वित्तीय वर्ष 2024-25 एवं वित्तीय वर्ष 2025-26 में परियोजना के अंतर्गत संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों में कराए गए -रंगरोगन /पोताई कार्य के गूगल इमेज /फोटोग्राफ्स की व्यापक लोकहित में सत्यप्रतिलिपि उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया था। समान वित्तीय वर्ष एवं विषय वस्तु की जानकारी परियोजना अधिकारी एकीकृत बाल विकास परियोजना -रायगढ़ शहरी जिला -रायगढ़ (छ.ग.) के यहाँ क्रमशः पत्र क्रमांक 9153 एवं 9154 के माध्यम से मांगी गई थी। लेकिन परियोजना अधिकारी एकीकृत बाल विकास परियोजना -रायगढ़ ग्रामीण,जिला रायगढ़ (छग) के द्वारा पत्र क्रमांक 588 एवं 587 के माध्यम से मुझे प्रेषित पत्र व्यवहार में परियोजना कार्यालय में गुगल इमेज/फोटोग्राफ्स संबंधी अभिलेख संधारित नहीं है लेख किया गया है।

इसी तरह का पत्र व्यवहार परियोजना अधिकारी एकीकृत बाल विकास परियोजना -रायगढ़ शहरी ,जिला रायगढ़ (छग) के द्वारा पत्र क्रमांक 580 एवं 581 के माध्यम से किया गया है।

महोदय दोनों परियोजना अधिकारियों द्वारा दी गई यह जानकारी अत्यंत कुटिल मानसिकता से भरी भ्रामक जानकारी है। दोनों परियोजना कार्यालय द्वारा जब सम्बंधित वित्तीय वर्ष 2025-26 में आंगनबाड़ी केंद्रों में कराए गए रंग रोगन/पोताई कार्य के देयक व्हाउचर उपलब्ध कराई जा चुकी है तो फोटोग्राफ्स संबधी अभिलेख कैसे संधारित नहीं हुआ होगा। यदि ऐसा है तो इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता कि संबंधित परियोजना अधिकारियों ने बिना रंग रोगन कराए ही फर्मों से सांठगांठ कर बिल का भुगतान कर दिया है। अवलोकन में दर्जनों आंगनबाड़ी केंद्रों में रंगरोगन नहीं कराए जाने की भी पुष्टि हो चुकी है।

महिला एवं बाल विकास छत्तीसगढ़ शासन का स्पष्ट निर्देश है कि बिना फोटोग्राफ्स के रँग रोगन कार्य का भुगतान न किया जावे ,जिसकी दोनों परियोजना के जिम्मेदार अधिकारियों ने सर्वथा अनदेखी कर फर्मों के साथ जुगलबंदी कर कागजों में ही आंगनबाड़ी केंद्रों में रँगरोगन कर शासकीय धनराशि का बंदरबाट कर लिया है।

जानकारी अनुसार वित्तीय वर्ष 2024-25 में दोनों परियोजनाओं ने जनपद पंचायत के माध्यम से रंगरोगन कराया है फिर भी उससे संबंधित बिल ,फोटोग्राफ्स परियोजना कार्यालय में उपलब्ध नहीं रहना बड़ी अक्षम्य लापरवाही है।

👉कमिश्नर ने लिया संज्ञान ,कलेक्टर को दिए आदेश ,महीनों से लटके ,कार्यशैली पर उठे सवाल

सचिव,मुख्यमंत्री एवं राज्यपाल तक पहुंची शिकायत के संदर्भ में कमिश्नर कार्यालय ने संज्ञान लेते हुए पत्र क्रमांक 52833 दिनांक 25/08/ 2026 के माध्यम से पत्र लेखकर कलेक्टर जिला -रायगढ़ को तीनों शिकायत पत्रों के संदर्भ में नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई कर आवेदक एवं अधोहस्ताक्षरकर्ता कार्यालय को अवगत कराने कहा था।

लेकिन महीनों बीत गए प्रकरण में शिकायतकर्ता को किसी भी प्रकार की जांच प्रतिवेदन अथवा कार्रवाई आदेश की प्रतिलिपि नहीं मिली। जो कमिश्नर के आदेश की कलेक्टर द्वारा की जा रही अवमानना है। विश्वस्त सूत्रों के अनुसार जिला कार्यक्रम अधिकारी के माध्यम से प्रकरण की जांच कराई जा रही है,जो कि अनुचित है । कायदे से प्रकरण की जांच अपर,सँयुक्त या डिप्टी कलेक्टर की अध्यक्षता में गठित संयुक्त समिति से कराना चाहिए ताकि जांच में पारदर्शिता विश्वसनीयता बनी रहे। लेकिन इसकी सर्वथा अनदेखी की गई।

👉इन फर्मों के माध्यम से कराया काम ,जांच की दरकार :

महोदय परियोजना अधिकारी एकीकृत बाल विकास परियोजना -रायगढ़ ग्रामीण,जिला रायगढ़ (छग) के यहाँ से वित्तीय वर्ष 2025 -26 में कराए गए रंगरोगन कार्य के बिल व्हाउचर के अवलोकन से 3 फर्मों से कार्य कराए जाने की पुष्टि हुई है। इन फर्मों में मेसर्स नरेश कंकरवाल कृष्ण वाटिका कालोनी रायगढ़, खुर्शीद स्टील फेब्रिकेशन एन्ड पेंटिंग वर्क्स रायपुर रोड ,रेजपारा सारंगढ़ ,जिला -सारंगढ़-बिलाईगढ़ ,पेन्टर नूतन फेकर बजरंग चौक लटुवा ,जिला -बलौदाबाजार (छ.ग.) से रायगढ़ ग्रामीण परियोजना द्वारा कार्य कराया गया है एवं फर्मों को आंगनबाड़ी केंद्रों के मेंटेनेंस ,दरवाजा ,खिड़की मरम्मत लिखो -सिखो श्याम पटल संतुष्टि के साथ प्रति केंद्र 3000 की दर से पोताई कार्य के बिल का भी भुगतान किया गया है। जिसमें सबसे अधिक कार्य खुर्शीद स्टील फेब्रिकेशन एन्ड पेंटिंग वर्क्स रायपुर रोड ,रेजपारा सारंगढ़ ,जिला -सारंगढ़-बिलाईगढ़ को दिया गया है। इस तरह देखें तो 274 आँगनबाड़ी केंद्रों के लिए इन फर्मों को एक ही वित्तीय वर्ष में 8 लाख 22 हजार का भुगतान हुआ है।इससे पूर्व वर्ष 2024-25 में जनपद पंचायत के माध्यम से रंग रोगन/पोताई कार्य कराए जाने की बात कही जा रही है ,जिसके लिए इतना ही बजट 8 लाख 22 लाख रुपए स्वीकृत था,इस कार्य का कोई भी जानकारी विभाग ने साझा नहीं की है। बिना फोटोग्राफ्स के इन दोनों वित्तीय वर्षों के बिलों का भुगतान संदेहास्पद है जिसकी जांच की दरकार है। इसी तरह परियोजना अधिकारी कार्यालय एकीकृत बाल विकास परियोजना रायगढ़ शहरी जिला -रायगढ़ (छ.ग.) के यहाँ से
खुर्शीद स्टील फेब्रिकेशन एन्ड पेंटिंग वर्क्स रायपुर रोड ,रेजपारा सारंगढ़ ,जिला -सारंगढ़-बिलाईगढ़ के माध्यम से 156 आँगनबाड़ी केंद्रों के लिए प्रति केंद्र 3000 की दर से उपलब्ध आबंटन 4 लाख 68 हजार के बजट में आंतरिक विद्युत मरम्मत कार्य के साथ रँगरोगन कराया गया है।।जिसकी फोटोग्राफ्स उपलब्ध नहीं कराई गई है। यहाँ गौर करने वाली बात यह है कि रायगढ़ ग्रामीण के अधिकांश कार्य व रायगढ़ शहरी के पूरे कार्य
खुर्शीद स्टील फेब्रिकेशन एन्ड पेंटिंग वर्क्स रायपुर रोड ,रेजपारा सारंगढ़ ,जिला -सारंगढ़-बिलाईगढ़ को दिया गया है।जो संदेह के दायरे में है। लिहाजा कार्यादेश से पूर्व टेंडर ,कोटेशन इत्यादि संबंधी प्रक्रियाओं की जांच की नितांत आवश्यकता है। इसके अतिरिक्त इन परियोजनाओं के मुख्यमंत्री कन्या विवाह के सामाग्री क्रय,विभागीय शिविर के बिल व्हाउचर भी संदेहास्पद हैं।