CG : सुशासन की सरकार के जीरो टॉलरेंस नीति पर पानी फेर रहे संचालक उद्यान ! सहायक संचालक उद्यान दंतेवाड़ा के विरुद्ध 9 करोड़ की योजनाओं में भ्रष्टाचार की प्रमाणित शिकायत के उपरांत भी 9 माह से लटकी कार्रवाई, अधिकारी बदले पर नहीं आया जांच आदेश का नतीजा ,नीयत उठे सवाल …

हसदेव एक्सप्रेस न्यूज रायपुर -दंतेवाड़ा । छत्तीसगढ़ में सुशासन एवं जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम करने का दावे पर उद्यानिकी विभाग पानी फेरने में लगी है। जी हां संचालनालय एवं सहायक संचालक की जुगलबंदी में इस कदर भ्रष्टाचार का खेल खेला जा रहा है कि दस्तावेजी शिकायतों की जांच 9 माह बाद भी पूरी नहीं हो पा रही,उल्टे जांच अधिकारी ही बदल दिए जा रहे। जी हां संचालक संचालनालय उद्यानिकी एवं प्रक्षेत्र वानिकी ने कार्यालय सहायक संचालक उद्यान जिला दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा के पूर्व महिला सहायक संचालक के विरुद्ध जिला खनिज संस्थान न्यास,विभागीय मद एवं बस्तर विकास प्राधिकरण जैसे महत्वपूर्ण मदों में 9 करोड़ रुपए से अधिक के कार्यों में अनियमितता की दस्तावेजी शिकायत को दरकिनार कर विभागीय संरक्षण प्रदान कर इसका प्रमाण दे दिया है। भ्रष्ट मातहत अधिकारी को प्रश्रय देने के आरोपों से घिरे एवं निहित स्वार्थ के तले दबे संचालक ने प्रकरण में बिना ठोस वजह के जांच का जिम्मा करीब साल भर बाद प्रभारी संयुक्त संचालक उद्यान को देकर जांच की अवधि का विस्तार कर दिया है।।

यहाँ बताना होगा कि शिकायतकर्ता द्वारा
पत्र क्रमांक 7915 दिनांक 03 .11.2025 को विष्णु देव साय जी,माननीय मुख्यमंत्री छ-ग. शासन को दस्तावेजी शिकायत पत्र लेखकर
कार्यालय सहायक संचालक उद्यानिकी, जिला दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा (छ.ग.) द्वारा बस्तर विकास प्राधिकरण के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2021.22 में स्वीकृत कार्य 10 किसानों की भूमि पर तारबाड़ी और नलकूप ड्रिलिंग कार्यों के लिए फर्म मेसर्स, ए. जे. वेंचर, रायपुर को बिना सत्यापित व्हाउचर के 20.51 लाख रुपये का घोखाधड़ीपूर्ण भुगतान किए जाने की महालेखाकार की ऑडिट में पुष्टि के बाद भी विभागीय संरक्षण प्राप्त जिम्मेदार वर्तमान सहायक संचालक उद्यान, तकनीकी अधिकारी एवं शाखा लिपिक को निलंबित कर विभागीय जांच संस्थित करने का अनुरोध किया गया था।

इसके अलावा पत्र क्रमांक 9301 दिनांक 24-06-2026 के माध्यम से
माननीय राज्यपाल महोदय छत्तीसगढ़ शासन को दस्तावेजी शिकायत पत्र लेखकर
कार्यालय सहायक संचालक उद्यान जिला-दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा (छग) द्वारा नेशनल मिशन ऑन एडिबल ऑयल ऑयल पॉम योजनांतर्गत वित्तीय वर्ष 2025-26 में चयनित पात्र 85 कृषक/कृषक समूहों के यहाँ 244.72 हेक्टेयर (604.45 एकड़) निजी भू-भाग में ड्रिप पंप स्थापना, आरसीसी पोल, चैनलिंक फेंसिंग से लेकर पौधरोपण कार्य के लिए शासन द्वारा प्रदत्त 9 करोड़ 50 लाख 64 हजार की (विभागीय अनुदान , डीएमएफ से वहन अंश राशि) शासकीय अनुदान राशि से लाभान्वित कृषकों से फर्जी कृषक संतुष्टि प्रमाण पत्र में हस्ताक्षर लेकर उनके खाते में जारी अनुदान राशि को फर्मों के साथ मिलकर बैंक से निकलवाकर बंदरबाट करने वाले जिम्मेदार अधिकारियों फर्मों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई किए जाने का अनुरोध किया गया है । दोनों ही प्रकरण में जांच एवं जिम्मदारों के विरुद्ध कार्रवाई लंबित है। इन्हीं दोनों प्रकरणों के संदर्भ में संचालनालय आंखमिचौली का खेल खेल रहा है। शिकायतकर्ता को संचालनालय उद्यानिकी एवं प्रक्षेत्र वानिकी के कार्यालयीन पत्र 2426 दिनांक 04 /08/2026 प्राप्त हुआ । उप संचालक उद्यान जगदलपुर ,जिला – बस्तर (छ.ग.) के नाम से संबोधित इस कार्यालयीन जांच आदेश ,अंतिम स्मरण पत्र के माध्यम से सहायक संचालक उद्यान जिला -दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा (छ.ग.) के विरुद्ध प्राप्त शिकायत के संदर्भ में जांच प्रतिवेदन लंबित रहने का लेख किया गया था । जिसमें उल्लेख किया गया था कि सहायक संचालक उद्यान ,जिला -दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा के विरुद्ध प्राप्त शिकायत भारत सरकार द्वारा संचालित की जा रही पोर्टल CPGRAM पर भी प्राप्त हुई है। जिस हेतु संचालयीन पत्र क्र.6111 दिनांक 03 .12.2025 एवं पत्र क्रमांक 117 दिनांक दिनांक 09.04.2026 के माध्यम से प्रेषित जांच आदेश में जांच प्रतिवेदन आज पर्यन्त अद्यतन अपेक्षित है। पत्र में संचालक द्वारा कार्यालय सहायक संचालक उद्यान ,जिला -दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा (छ.ग.)के विरुद्ध पुनः शिकायत प्राप्त होने का उल्लेख किया है। संचालनालय द्वारा उक्त शिकायत के संदर्भ में उप सचिव छ.ग. शासन के पत्र क्रमांक I/543777/2026/435439/1ROJ /4848 दिनांक 26.07.2026 का उल्लेख किया गया है।

यह पत्र शिकायतकर्ता द्वारा प्रेषित शिकायत
पत्र क्रमांक 9301 दिनांक 24-06-2026 के माध्यम से
माननीय राज्यपाल महोदय छत्तीसगढ़ शासन को दस्तावेजी शिकायत पत्र लेखकर
कार्यालय सहायक उद्यान जिला-दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा (छग) द्वारा नेशनल मिशन ऑन एडिबल ऑयल ऑयल पॉम योजनांतर्गत वित्तीय वर्ष 2025-26 में चयनित पात्र 85 कृषक/कृषक समूहों के यहाँ 244.72 हेक्टेयर (604.45 एकड़) निजी भू-भाग में ड्रिप पंप स्थापना, आरसीसी पोल, चैनलिंक फेंसिंग से लेकर पौधरोपण कार्य के लिए शासन द्वारा प्रदत्त 9 करोड़ 50 लाख 64 हजार की (विभागीय अनुदान , डीएमएफ से वहन अंश राशि) शासकीय अनुदान राशि से लाभान्वित कृषकों से फर्जी कृषक संतुष्टि प्रमाण पत्र में हस्ताक्षर लेकर उनके खाते में जारी अनुदान राशि को फर्मों के साथ मिलकर बैंक से निकलवाकर बंदरबाट करने वाले जिम्मेदार अधिकारियों फर्मों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई किए जाने के अनुरोध के संदर्भ में जारी किया गया था ।

उपरोक्त प्रकरणों के संदर्भ में संचालक उद्यानिकी द्वारा उप संचालक उद्यान जगदलपुर ,जिला -बस्तर को जारी अंतिम स्मरण पत्र में समस्त पत्रों का अवलोकन कर शिकायत
में उल्लेखित तथ्यों की जांच कर सुसंगत अभिलेखों एवं स्पष्ट अभिमत सहित जांच प्रतिवेदन संचालनालय को 07 .08.2026 तक अनिवार्यतः उपलब्ध कराना सुनिश्चित करने का लेख किया गया है। ताकि शिकायत का प्रतिवेदन शासन को भेजा जा सके।
उप संचालक उद्यान जगदलपुर ,जिला -बस्तर (छग) को प्रेषित यह संचालक का तीसरा व अंतिम जांच आदेश अंतिम स्मरण पत्र था ।उक्त अंतिम स्मरण पत्र लिखने के बावजूद भ्रष्टाचार के प्रकरणों में संचालक के आदेशों का पालन करने की जगह उपसंचालक उद्यान जगदलपुर ने पूर्व सहायक संचालक के विरुद्ध प्राप्त शिकायत प्रकरण में जांच तक शुरू नहीं की । विभाग ने समकक्ष महिला अफसरों के दोस्ताना व्यवहार को देखते हुए 10 /09/2026 को जांच अधिकारी पर एक्शन लेने की जगह जांच अधिकारी ही बदल डाले।

👉अब प्रभारी संयुक्त संचालक उद्यान को जिम्मा

संचालक उद्यानिकी एवं प्रक्षेत्र वानिकी ने 9 माह की दीर्घकालिक समयावधि में भी उप संचालक उद्यान से प्रकरण की जांच अभिमत प्राप्त कर पाने में विफल रहने पर जांच अधिकारी ही बदल दिए। अब प्रकरण की जांच उप संचालक उद्यान जगदलपुर आकांक्षा सिन्हा की जगह प्रभारी संयुक्त संचालक उद्यान सुरेश ठाकुर करेंगे। संचालक ने कार्यालयीन पत्र क्रमांक 3268 दिनांक 10.09.2026 को पत्र व्यवहार कर दिनांक …09 /2026 तक मांगा है। समस्त पत्रों का अवलोकन कर शिकायत
में उल्लेखित तथ्यों की जांच कर सुसंगत अभिलेखों एवं स्पष्ट अभिमत सहित जांच प्रतिवेदन संचालनालय को .. .09.2026 तक अनिवार्यतः उपलब्ध कराना सुनिश्चित करने का लेख किया गया है। ताकि शिकायत का प्रतिवेदन शासन को भेजा जा सके। इस बार संचालक ने दोनों ही प्रकरणों में अवर सचिव छग शासन का पत्र क्रमांक स्था.
1024 (2 )/211/292205 दिनांक 09 .04 .2026 एवं उप
सचिव छग शासन का पत्र क्रमांक l/543777/2026/435439/PROJ/4848 दिनांक 28/07/2026 का उल्लेख किया गया है। हालांकि सितंबर माह में कब तक प्रकरण की जांच कर प्रतिवेदन मांगा गया है इसका उल्लेख नहीं है। लेकिन इंतजार में सितंबर की पूरी मियाद भी निकल गई।

👉उठ रहे सवाल ?

सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि करोड़ों के अनियमितताओं से जुड़े प्रकरण की जांच हेतु प्रभारी उप संचालक उद्यान जगदलपुर श्रीमती आकांक्षा सिन्हा सक्षम अधिकारी नहीं थीं तो फिर उन्हें 9 माह पूर्व जांच का जिम्मा क्यों सौंपा गया। वहीं उसके उलट यह सवाल भी कौंध रहा है कि यदि वे सक्षम अधिकारी थीं तो प्रकरण में अब जाकर प्रभारी संयुक्त संचालक को जांच की जिम्मेदारी देने का क्या औचित्य । निसंदेह सवाल गहरे हैं और आज नहीं तो कल इसकी गहराई जिम्मदारों को ले डूबेगी ।

👉 सरकार की छवि पर आघात ?

छत्तीसगढ़ की बीजेपी शासित साय सरकार सुशासन एवं जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम करने का दावा करती है। लेकिन संचालक उद्यानिकी एवं प्रक्षेत्र वानिकी द्वारा करोड़ों के अनियमितताओं के आरोपों ,दास्तावेजी साक्ष्यमय शिकायतों को जिस तरह लटकाया जा रहा है कहीं न कहीं इसका असर सरकार की छवि पर भी पड़ रहा है। लेकिन दबी जुबान बड़ा सवाल तो यही है कि आखिर किसके दम पर,बल पर संचालक और उनके मातहत अधिकारी नियमों,साक्ष्यों को दरकिनार कर भ्रष्टाचार,भ्रष्ट अधिकारियों की ढाल बने हुए हैं।