CG :नौकरी दिलाने के नाम पर इन ठगों ने 13.69 लाख की कर डाली ठगी,पैसे वापस मांगने पर झूठे मामले में फंसाने की दी धमकी ,2 गिरफ्तार, अन्य फरार की सरगर्मी से तलाश

कोरिया । छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में नौकरी दिलाने के नाम पर 13.69 लाख रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। छात्रावास अधीक्षक के पद पर नौकरी लगवाने का झांसा देकर रकम लेने और पैसे वापस मांगने पर जान से मारने की धमकी देने के आरोप में पुलिस ने 2 लोगों को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपियों को को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। मामले में अन्य आरोपी अभी फरार हैं, जिनकी तलाश की जा रही है।

पुलिस के मुताबिक बैकुंठपुर थाना क्षेत्र के आमापारा निवासी संतोष कुमार सारथी ने शिकायत दर्ज कराई थी कि अनुराधा भगत और अन्य लोगों ने उन्हें नौकरी दिलाने के नाम पर 14 लाख रुपये की धोखाधड़ी की है। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया कि रकम वापस मांगने पर उन्हें झूठे मामले में फंसाने और हत्या करने की धमकी दी गई। शिकायत की जांच में सामने आया कि आरोपियों ने छात्रावास अधीक्षक के पद पर नौकरी दिलाने का भरोसा देकर संतोष कुमार सारथी से 16 अप्रैल 2024 से 28 मार्च 2025 के बीच अलग-अलग किश्तों में पैसे लिए थे।

यह रकम नकद और बैंक खाते के माध्यम से प्राप्त की गई थी। जांच के अनुसार, इस मामले में कुल 13 लाख 69 हजार रुपये प्राप्त किए जाने की बात सामने आई। पुलिस ने जांच में अपराध प्रमाणित पाए जाने के बाद अपराध क्रमांक 301/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4), 351(3), 61(2) और 3(5) के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की। इस मामले में पुलिस ने अनुराधा लकड़ा, निवासी कछार थाना धौरपुर, जिला सरगुजा और जोखन लाल, उम्र 61 वर्ष, निवासी सरभोका गोहला सरई थाना पटना, जिला कोरिया को गिरफ्तार किया है।

दोनों आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। ठगी के इस मामले में अन्य आरोपी भी शामिल हैं, जो फिलहाल फरार हैं। पुलिस की टीम फरार आरोपियों की सरगर्मी से तलाश कर रही है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और नौकरी दिलाने के नाम पर कथित तौर पर ली गई रकम तथा अन्य संबंधित पहलुओं की पड़ताल की जा रही है। पुलिस की अपील: नौकरी दिलाने के नाम पर किसी को भी बड़ी रकम देने से पहले संबंधित नियुक्ति प्रक्रिया और दावों की आधिकारिक स्तर पर पुष्टि करें। किसी भी तरह की धोखाधड़ी होने पर पुलिस में शिकायत दर्ज कराएं।