CG : कथित शराब घोटाले में बड़ा एक्शन,आबकारी आयुक्त आशीष श्रीवास्तव सस्पेंड …

0 EOW और ACB की जांच के बाद कार्रवाई
0 14 अक्टूबर को रायपुर की विशेष अदालत में किया गया था पेश
0 अलग-अलग धाराओं के तहत की गई है जांच

रायपुर छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले में राज्य सरकार ने बड़ी कार्रवाई की है। राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) और एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की जांच के बाद आबकारी विभाग के तत्कालीन अपर आयुक्त आशीष श्रीवास्तव को निलंबित कर दिया गया है। वाणिज्यिक कर (आबकारी) विभाग ने शनिवार, 17 अक्टूबर को निलंबन का आदेश जारी किया। खास बात यह है कि निलंबन 14 अक्टूबर से प्रभावी माना जाएगा।

👉विशेष अदालत में अभियोग पत्र पेश होने के बाद कार्रवाई

जारी आदेश के मुताबिक, EOW/ACB में दर्ज अपराध क्रमांक 04/2024 की जांच के बाद श्रीवास्तव के विरुद्ध आरोप प्रथम दृष्टया सिद्ध पाए गए। इसके बाद 13 अक्टूबर को पूरक अभियोग पत्र तैयार किया गया, जिसे 14 अक्टूबर को रायपुर की विशेष अदालत (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) में पेश किया गया। उस समय श्रीवास्तव रायपुर में उपायुक्त आबकारी के पद पर पदस्थ थे।

👉भ्रष्टाचार और धोखाधड़ी समेत कई धाराओं में मामला दर्ज

इस प्रकरण में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित 2018) की धारा 7, 7-क, 8, 12 और 13 के तहत मामला दर्ज है। इसके अलावा भारतीय दंड विधान की धारा 420, 467, 468, 471, 120-बी, 201 और 109 भी शामिल हैं। इन धाराओं में धोखाधड़ी, जालसाजी, कूटरचना, आपराधिक षड्यंत्र और साक्ष्य मिटाने जैसे आरोप शामिल हैं।

👉निलंबन अवधि में नवा रायपुर रहेगा मुख्यालय

राज्य शासन ने छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम 9(1)(ख) के प्रावधान के तहत निलंबन की कार्रवाई की है। आदेश के अनुसार, निलंबन अवधि में श्रीवास्तव का मुख्यालय आबकारी आयुक्त कार्यालय, नवा रायपुर रहेगा। इस दौरान उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा। यह आदेश राज्यपाल के नाम से विशेष सचिव देवेंद्र सिंह भारद्वाज के डिजिटल हस्ताक्षर से जारी किया गया है। हालांकि, प्रथम दृष्टया आरोप सिद्ध होने का अर्थ अंतिम दोषसिद्धि नहीं है। मामले में आरोपों पर अंतिम निर्णय विशेष अदालत की सुनवाई के बाद होगा।