CG : जिसके भरोसे सुरक्षा की कमान वही नशे की गिरफ्त में ,बस स्टैंड में नशे में धुत्त पड़े मिले ASI ,आरक्षक,लावारिस पड़ी थी INSAS राइफल,SP ने किया सस्पेंड …

अंबिकापुर । अंबिकापुर में पुलिस विभाग को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। दुर्ग जिले से बंदी को अंबिकापुर सेंट्रल जेल में शिफ्ट करने आए एक एएसआई और आरक्षक शराब के नशे में इस कदर धुत हो गए कि बस स्टैंड पर ही जमीन पर पड़े मिले। हैरानी की बात यह रही कि एएसआई की INSAS राइफल भी पास में एक ठेले की बेंच पर लावारिस हालत में रखी थी। सुबह स्थानीय लोगों ने दोनों का वीडियो बनाकर पुलिस को सूचना दी। मामले की जानकारी मिलने के बाद दुर्ग एसपी ने दोनों पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

जानकारी के मुताबिक, दुर्ग जिले में पदस्थ एएसआई प्रकाश एक्का और आरक्षक ऋषिकांत त्रिपाठी को 17 अक्टूबर को एक बंदी को अंबिकापुर सेंट्रल जेल में शिफ्ट करने की जिम्मेदारी दी गई थी। दोनों 18 अक्टूबर को अंबिकापुर पहुंचे और बंदी को जेल में दाखिल कराने के बाद दुर्ग लौटने के लिए प्रतीक्षा बस स्टैंड पहुंचे। आरोप है कि दुर्ग जाने वाली बस में सवार होने से पहले दोनों ने पास की शराब दुकान से शराब खरीदी और एक ठेले के पास बैठकर सेवन किया। इसके बाद दोनों नशे की हालत में खुद को संभाल नहीं सके और बस स्टैंड के पास ही पड़े रहे। बताया जा रहा है कि आरक्षक कुर्सी से नीचे गिर गया, जबकि एएसआई एक दुकान के सामने पड़ा रहा।

दोनों रातभर इसी हालत में रहे। इस दौरान एएसआई की INSAS राइफल एक ठेले के सामने रखी बेंच पर पड़ी रही। सुबह करीब 7 बजे बस स्टैंड के आसपास पहुंचे लोगों ने दोनों को इस हालत में देखा। स्थानीय लोगों ने उनका वीडियो बनाया और बस स्टैंड चौकी को सूचना दी। घटना सामने आने के बाद पुलिसकर्मियों की जिम्मेदारी और सरकारी हथियार की सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे। सूचना मिलने पर बस स्टैंड चौकी प्रभारी मौके पर पहुंचे और मामले की जानकारी सरगुजा एसपी राजेश अग्रवाल को दी।

पुलिस ने एएसआई की INSAS राइफल जब्त कर ली। इसके बाद सरगुजा एसपी ने दुर्ग एसपी विजय अग्रवाल को घटना से अवगत कराया। मामले की गंभीरता को देखते हुए दुर्ग एसपी ने एएसआई प्रकाश एक्का और आरक्षक ऋषिकांत त्रिपाठी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। दोनों को दुर्ग पुलिस लाइन में अटैच किया गया है। मामले में विभागीय जांच भी की जा रही है। इस घटना ने पुलिसकर्मियों के अनुशासन और सरकारी हथियारों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बंदी को जेल में दाखिल कराने की ड्यूटी के बाद दोनों जवानों का कथित तौर पर नशे की हालत में मिलना विभाग के लिए असहज स्थिति है। अब विभागीय जांच में घटना से जुड़े तथ्यों और जिम्मेदारी तय किए जाने पर नजर रहेगी।