CG : विधायक रिकेश सेन ने दिया बेटियों के सम्मान और सुरक्षा का संदेश,लोकांगन में 101 नवजात कन्याओं का किया पूजन, माताओं को भेंट की ₹11-11 हजार की सुरक्षा किट …

भिलाई । नवरात्रि की नवमी के अवसर पर वैशाली नगर विधायक रिकेश सेन ने बेटियों के सम्मान और सुरक्षा का संदेश देते हुए लोकांगन परिसर में 101 नवजात कन्याओं का पूजन किया। इस दौरान उन्होंने अपनी पत्नी के साथ मां नवदुर्गा के नौ स्वरूपों के सानिध्य में पूजा-अर्चना की और परिसर में मौजूद सैकड़ों कन्याओं को भोजन कराया। कार्यक्रम के बाद सभी 101 नवजात कन्याओं की माताओं को 11-11 हजार रुपये मूल्य की मां शिशु सुरक्षा किट भेंट की गई।

नवजात कन्याओं की माताओं को मिली सुरक्षा किटविधायक रिकेश सेन की ओर से दी गई किट में नवजात शिशु और उसकी मां के लिए कपड़े, कंबल, बेबी किट सहित दैनिक जरूरत की कई आवश्यक सामग्री शामिल है। इस पहल के जरिए कन्या पूजन की परंपरा को बेटियों के सम्मान, सुरक्षा और बेहतर भविष्य की जिम्मेदारी से जोड़ने का संदेश दिया गया।

👉1 मई से जन्म लेने वाली बेटियों के लिए अभियान

विधायक रिकेश सेन ने बताया कि वैशाली नगर विधानसभा क्षेत्र में 1 मई 2026 से जन्म लेने वाली प्रत्येक कन्या को मां शिशु सुरक्षा किट प्रदान की जा रही है। उनके अनुसार, इस अभियान के तहत अब तक 300 से अधिक नवजात कन्याओं का पंजीयन हो चुका है।

👉ढोल-नगाड़ों के साथ मनाई जाती है बेटी के जन्म की खुशी

अभियान के तहत भाजपा कार्यकर्ता नवजात बच्चियों के घर ढोल-बाजे और नगाड़ों के साथ पहुंचकर परिवार के बीच बेटी के जन्म की खुशियां मनाते हैं। इस पहल का उद्देश्य परिवारों को बेटी के जन्म पर उत्सव मनाने के लिए प्रोत्साहित करना और समाज में कन्या सम्मान की भावना को मजबूत करना है।

👉जन्मदिन पर भी 51 बच्चियों को दी थी सुरक्षा किट

विधायक सेन ने अपने जन्मदिन 10 अगस्त को भी 51 51 नवजात कन्याओं को सुरक्षा किट भेंट की थी। उन्होंने कहा कि बेटियों के पालन-पोषण, शिक्षा और उज्ज्वल भविष्य के लिए वे लगातार प्रयास करते रहेंगे। साथ ही बच्चियों के परिजनों के संपर्क में रहकर यथासंभव सहयोग देने की बात कही।

👉बेटी के सम्मान और सुरक्षा का संदेश

नवरात्रि के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम के माध्यम से बेटी के जन्म को उत्सव के रूप में मनाने और नवजात शिशुओं की देखभाल में परिवारों की मदद करने का संदेश दिया गया। यह पहल कन्या सम्मान के साथ मां और शिशु की आवश्यकताओं पर ध्यान देने की दिशा में एक प्रयास के रूप में सामने आई है।