कोरबा। रजगामार में 7 वर्षीय भव्या जोशी की हत्या और दुष्कर्म के आरोपी अजय उर्फ अमित चौहान 42 वर्ष की गिरफ्तारी के बाद भी लोगों का गुस्सा शांत नहीं हो रहा है। न्यायालय परिसर में अधिवक्ताओं ने आरोपी की पिटाई कर दी, कोई उसका केस नहीं लड़ेगा, कांग्रेस ने कैंडल मार्च निकालकर मासूम को श्रद्धांजलि दी। पीड़ित परिवार को 50 लाख रुपये मुआवजा और एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग भी उठी है।

इस घटना ने लोगों को भीतर तक झकझोर कर रख दिया है। बेटियों की सुरक्षा को लेकर अभिभावकों की चिंता बढ़ी है। आक्रोश इस कदर है कि लोग सिर्फ फांसी की मांग तक सीमित नहीं हैं। कई लोग खुले तौर पर कह रहे हैं कि ऐसे जघन्य अपराध करने वालों को लंबी कानूनी प्रक्रिया के बजाय मौके पर ही सजा मिलनी चाहिए। कुछ लोग तो बीच चौराहे पर सजा देने और जिंदा जलाने जैसी मांगें भी कर रहे हैं।
लोगों की इन तीखी प्रतिक्रियाओं के पीछे मासूम के साथ हुई दरिंदगी और उसके परिवार के असहनीय दु:ख को लेकर गहरी नाराजगी है। हालांकि, आरोपी को सजा कानून और न्यायिक प्रक्रिया के तहत ही दी जा सकती है। अब लोगों की अपेक्षा है कि मामले की सुनवाई तेजी से हो और दोषी को ऐसी सजा मिले, जो मासूमों के खिलाफ अपराध करने वालों के लिए कड़ा संदेश बने।
