KORBA : 4 दशक बाद भी रोजगार -मुआवजे के लिए तरस रहे भू -विस्थापितों के सब्र का टूटा बांध ,अंडीकछार महासम्मेलन में SECL के खिलाफ आर पार की लड़ाई का ऐलान …

कोरबा। जिले के दीपका क्षेत्र में भू-विस्थापितों का आक्रोश एक बार फिर सामने आया है। जमीन अधिग्रहण के 40 साल बाद भी रोजगार, मुआवजा और मूलभूत सुविधाएं नहीं मिलने का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने अंडीकछार में महासम्मेलन कर SECL प्रबंधन और प्रशासन के खिलाफ आवाज बुलंद की।

ऊर्जाधानी भू-विस्थापित किसान कल्याण समिति के बैनर तले आयोजित इस महासम्मेलन में सुवाभोड़ी, सिरकी खुर्द, चैनपुर, झाबर और बेलटिकरी के प्रभावित ग्रामीण शामिल हुए। सम्मेलन में लंबित मुआवजे का भुगतान, पांच लाख रुपये की अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि, स्थानीय युवाओं और महिलाओं को रोजगार तथा पुनर्वासित गांवों में सड़क, नाली, बिजली और अन्य बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग उठाई गई।

इसके अलावा भू-विस्थापितों को भूमि पट्टा देने, स्वरोजगार के लिए टेंडर सीमा पांच लाख से बढ़ाकर 20 लाख रुपये करने और ठेकेदारी में कथित भेदभाव खत्म करने के प्रस्ताव भी पारित किए गए।

समिति के अध्यक्ष सपुरन कुलदीप ने कहा कि अपनी जमीन देकर देश को रोशन करने वाले किसानों को अब अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। महासम्मेलन में आगामी आंदोलन की रणनीति बनाने का भी ऐलान किया गया।