CG : पूर्व विधायक BJP नेता के शो रूम में युवती की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत ,परिजनों ने लगाया दुष्कर्म के बाद हत्या का आरोप ,आक्रोशित भींड़ ने किया उग्र प्रदर्शन

जगदलपुर । जगदलपुर में भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक संतोष बाफना से जुड़े बताए जा रहे बाफना हाउस में 21 वर्षीय युवती की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। युवती का शव प्रतिष्ठान के अंदर फंदे से लटका मिला था। अब परिजनों ने उसके साथ दुष्कर्म के बाद हत्या किए जाने की आशंका जताई है। परिवार का आरोप है कि हत्या के बाद घटना को आत्महत्या का रूप देने के लिए शव को फंदे पर लटकाया गया। परिजनों के इन गंभीर आरोपों के बाद मामला केवल एक संदिग्ध मौत तक सीमित नहीं रह गया है। भाजपा नेता और पूर्व विधायक से जुड़े प्रतिष्ठान का नाम सामने आने के कारण इस मामले में राजनीतिक चर्चा भी तेज हो गई है। हालांकि, अभी तक दुष्कर्म या हत्या की पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर मौत की वजह स्पष्ट होने की बात कह रही है।

जानकारी के मुताबिक, युवती 21 अक्टूबर से बाफना हाउस में काम करने जा रही थी। घटना से एक दिन पहले शाम करीब 6 से 6:30 बजे उसकी परिजनों से फोन पर बात हुई थी। उस समय उसने बाद में बात करने की बात कही थी। इसके बाद परिवार का उससे संपर्क नहीं हो सका। परिजनों के मुताबिक, रात करीब 9:30 बजे तक युवती घर नहीं पहुंची तो उन्होंने प्रतिष्ठान के कर्मचारियों से जानकारी ली। उन्हें बताया गया कि युवती शाम करीब 6:30 बजे से दिखाई नहीं दी है और उसका मोबाइल शॉप में ही छूट गया है। इसके बाद कर्मचारी मोबाइल लेकर घर पहुंचे। परिजन बाफना हाउस पहुंचे, लेकिन उस समय प्रतिष्ठान बंद मिला। अगले दिन 2 नवंबर की सुबह जब वे दोबारा वहां पहुंचे तो ऊपर युवती का शव मिला। उसके गले में चुन्नी का टूटा हुआ फंदा था और चुन्नी का एक हिस्सा लटक रहा था।

युवती की चाची ने आरोप लगाया कि अंतिम संस्कार से पहले जब परिवार के लोग शव को नहलाने की तैयारी कर रहे थे, तब शरीर के कई हिस्सों पर चोट और नोचने जैसे निशान दिखाई दिए। उन्होंने प्राइवेट पार्ट के पास सूजन और रुई मिलने का भी दावा किया है। इन्हीं परिस्थितियों के आधार पर परिवार ने युवती के साथ दुष्कर्म के बाद हत्या किए जाने की आशंका जताई है। परिजनों का कहना है कि वे युवती की मौत को आत्महत्या मानने के लिए तैयार नहीं हैं। उन्होंने पुलिस से सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए निष्पक्ष जांच करने की मांग की है। परिजनों ने प्रतिष्ठान में लगे CCTV कैमरों की फुटेज की जांच कराने की मांग की है।

उनका कहना है कि शाम 6:30 बजे के बाद युवती के साथ क्या हुआ, उस दौरान प्रतिष्ठान में कौन मौजूद था और उसकी मौत किन परिस्थितियों में हुई, इन सभी सवालों के जवाब फुटेज से मिल सकते हैं। मंगलवार को परिजनों और वार्ड के लोगों ने युवती की तस्वीर लेकर रैली निकाली और न्याय की मांग की। प्रदर्शनकारी बाफना हाउस पहुंचे, जहां आक्रोशित भीड़ ने प्रतिष्ठान के बाहर रखे गमले तोड़ दिए। इसके बाद मौके पर तनाव की स्थिति बन गई। पुलिस ने पहुंचकर स्थिति संभालने की कोशिश की।

👉पूर्व विधायक संतोष बाफना से नहीं मिल सका पक्ष

परिजनों के मुताबिक, बाफना हाउस पूर्व विधायक और भाजपा के वरिष्ठ नेता संतोष बाफना का प्रतिष्ठान है। परिवार ने आशंका जताई है कि प्रभावशाली व्यक्ति से जुड़े प्रतिष्ठान का मामला होने के कारण जांच प्रभावित हो सकती है। उन्होंने किसी भी तरह के दबाव के बिना कार्रवाई करने की मांग की है। इस मामले में मीडिया द्वारा संतोष बाफना का पक्ष जानने के लिए फोन पर संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी। ऐसे में उनके पक्ष और घटना को लेकर उनकी प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है।

वहीं दूसरी तरफ इस घटना के तूल पकड़ने के बाद अब पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पुलिस को बाफना हाउस में युवती के फांसी लगाने की सूचना मिली थी। मौके पर पहुंचने पर चुन्नी से बनाया गया फंदा टूटा हुआ था और शव जमीन पर पड़ा मिला। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए डिमरापाल मेडिकल कॉलेज भेजा गया है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल मामले की जांच जारी है।

👉अब जांच पर टिकी नजर, कई सवालों के जवाब जरूरी

इस मामले में सबसे अहम सवाल युवती की मौत की परिस्थितियों को लेकर है। क्या युवती ने आत्महत्या की थी या उसके साथ कोई अपराध हुआ? शरीर पर चोट के निशान होने के परिजनों के दावे की मेडिकल जांच में क्या पुष्टि होती है? प्रतिष्ठान के CCTV कैमरों में घटना से पहले और बाद की क्या गतिविधियां दर्ज हैं? इन सवालों के जवाब जांच के लिए महत्वपूर्ण होंगे। एक युवती की संदिग्ध मौत, परिजनों के दुष्कर्म और हत्या के आरोप तथा भाजपा के वरिष्ठ नेता से जुड़े प्रतिष्ठान का नाम सामने आने के बाद पुलिस की निष्पक्ष जांच और पारदर्शिता बेहद अहम हो गई है। अब सबकी नजर पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट, CCTV फुटेज की जांच और पुलिस की आगे की कार्रवाई पर है।