CG :बारिश – बाढ़ के कारण बर्बाद हो गई फसलें , सरकार की उदासीनता से फूटा किसानों का आक्रोश, ट्रैक्टर रैली निकाल मांगा मुआवजा,देखें वीडियो …,…

जगदलपुर।बस्तर संभाग के मुख्यालय जगदलपुर में किसानों का गुस्सा सड़क पर देखने को मिला। विभिन्न किसान संगठनों के संयुक्त आह्वान पर अन्नदाताओं ने अपनी लंबित और महत्वपूर्ण मांगों को लेकर एक विशाल ट्रैक्टर रैली निकाली और शहर के मुख्य मार्गों से होते हुए कलेक्ट्रेट कार्यालय का घेराव किया। इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में पहुंचे किसानों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और सितंबर माह में हुई भारी बारिश व बाढ़ के कारण बर्बाद हुई फसलों के एवज में उचित मुआवजे की मांग उठाई।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस संयुक्त किसान आंदोलन को भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) और इंद्रावती नदी बचाओ समिति सहित कई अन्य सामाजिक व राजनीतिक संगठनों का भी पूरा समर्थन प्राप्त हुआ। किसानों का कहना है कि सितंबर महीने में क्षेत्र में हुई अत्यधिक बारिश और बाढ़ के कारण उनकी खड़ी फसलें पूरी तरह बर्बाद हो चुकी हैं, जिससे उनके सामने आजीविका का गंभीर संकट पैदा हो गया है। सरकार की ओर से अब तक कोई ठोस राहत न मिलने से किसानों में भारी रोष व्याप्त है।

रैली के समापन पर किसान संगठनों के प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रशासनिक अधिकारियों को अपनी मांगों से जुड़ा एक ज्ञापन सौंपा और चेतावनी दी कि यदि जल्द ही सकारात्मक कदम नहीं उठाए गए, तो आंदोलन को और अधिक उग्र किया जाएगा। इस प्रदर्शन के कारण शहर के कई हिस्सों में यातायात व्यवस्था भी कुछ समय के लिए प्रभावित हुई।

👉प्रदर्शनकारी किसानों ने शासन-प्रशासन के समक्ष प्रमुख रूप से निम्नलिखित मांगें रखी हैं:

  1. उचित मुआवजाः बाढ़ और भारी बारिश से हुए फसल नुकसान के एवज में प्रभावित किसानों को प्रति एकड़ 65 हजार रुपये की राहत राशि दी जाए।
  2. फसल बीमा लाभः प्राकृतिक आपदा से हुए नुकसान का आकलन कर सभी पीड़ित किसानों को फसल बीमा का पूरा लाभ समयबद्ध तरीके से दिलाया जाए।
  3. कर्जमाफीः संकट के इस दौर को देखते हुए किसानों का कृषि ऋण पूरी तरह माफ किया जाए ताकि वे अगले सीजन की खेती के लिए तैयार हो सकें।