भूविस्थापित बेरोजगारों की सूची मांगी कुसमुंडा CGM ने

भूविस्थापित बेरोजगारों की सूची मांगी कुसमुंडा CGM ने

ऊर्जाधानी संगठन ने लगाया था उपेक्षा का आरोप

कोरबा। आज महाप्रबंधक कार्यालय कुसमुंडा में ऊर्जाधानी भूविस्थापित किसान कल्याण समिति ने क्षेत्रीय बेरोजगारों के रोजगार के संबंध में कुसमुंडा महाप्रबंधक संजय मिश्रा से विस्तार से चर्चा की । इस दौरान संगठन की ओर से बृजेश श्रीवास, प्रताप सिंह, आई एस कुलकर्णी ,प्रेमलाल, संतोष दास ,ललित पटेल, जोगी राम पटेल ,राजा राम महंत,भीम पटेल ,ध्रुव कुमार तंवर, बसंत यादव, मोहनलाल सारथी, अजय यादव ,हेम सिंह, नारायण सिंह, रामदत्त,विनोद मंझवार उपस्थित थे ।

मुलाकात में संगठन की ओर से क्षेत्रीय बेरोजगारों की समस्या को प्रमुखता से महाप्रबंधक के समक्ष रखी गई । अभी वर्तमान में कुसमुंडा खदान में कई कंपनियां कार्य कर रही हैं जिसमें क्षेत्रीय भु-विस्थापित बेरोजगारों को छोड़कर अन्य लोगों को रखने हेतु आवेदन लिया जा रहा है । इसकी जानकारी संगठन को होने पर महाप्रबंधक के समक्ष शिकायत करते हुए अपनी बात रखी गई एवं खदान में क्षेत्रीय भु-विस्थापित बेरोजगारों को अनिवार्य रूप से रखने की मांग किया गया । महाप्रबंधक महोदय ने क्षेत्रीय भु -विस्थापित बेरोजगारों को प्राथमिकता के साथ कार्य में रखने की बात कहीं गई । ऐसे सभी कंपनियां जिनके द्वारा बाहरी गैर भूविस्थापित लोगों को रखने की तैयारी की जा रही है उनको सूचित करने एवं प्राथमिकता के साथ भू विस्थापित बेरोजगारों को नियोजित करवाने की बात कहीं गई । अपने अधिकारियों को बेरोजगारों की विस्तृत सूची 3 दिन में तैयार करने हेतु निर्देशित किया गया। सूची तैयार होने के उपरांत प्राथमिकता क्रम में खदान में नियोजित किया जाएगा । सीएसआर के माध्यम से भी रोजगार प्रदान करने हेतु पहल करने की बात महाप्रबंधक के द्वारा कहीं गई जिसमें मछली पालन ,बकरी पालन, टायर रीसोलिंग एवं रोजगार मूलक छोटे उद्योग की स्थापना की बात कही गई । कुसमुंडा परियोजना में 1960 से अब तक 18 ग्रामों का अधिग्रहण किया जा चुका है । जिसमें पुराने प्रकरण के 600 से भी अधिक नामांकन जमा किये बेरोजगारों को आज तक नौकरी नहीं मिला है । कोल इंडिया पालिसी 2012 आने के बाद बेरोजगारों को संख्या में व्यापक पैमाने पर बढ़ोतरी हो रही है ।

कोरबा