79 दिन से धरना दे रहे भूविस्थापितों ने एसईसीएल के खिलाफ भरी हुंकार ,कहा गणतंत्र दिवस पर खदान के भीतर फहराएंगे तिरंगा

कोरबा। एसईसीएल कुसमुंडा में रोजगार के पुराने लंबित प्रकरणों पर नौकरी की मांग पर जीएम कार्यालय के सामने 79 दिनों से धरना दे रहे भूविस्थापितों ने गणतंत्र दिवस पर खदान के भीतर उनकी जमीन पर तिरंगा फहराने की घोषणा की है।

भूविस्थापितों का कहना है कि खदान में उनकी जमीन चली गई। आंदोलन व संघर्ष ही एकमात्र विकल्प है। इसे मांगे पूरी होने तक जारी रखेंगे। क्योंकि एसईसीएल के आश्वासन पर अब भरोसा नहीं रहा है।यहां बताना होगा कि एसईसीएल कुसमुंडा में खदान प्रभावित कई गांवों के भूविस्थापितों की रोजगार के प्रकरण लंबित है। जिनकी जमीन 25 से 30 साल पहले अधिग्रहित की गई थी। अब इस पर नौकरी की मांग करते हुए भूविस्थापितों ने इसे अपना अधिकार बता रहे हैं। करीब ढाई माह का समय धरना देते बीत गया है। इस बीच दो बार भूविस्थापित रोजगार एकता संघ के बैनर तले खदान बंद कराने भी कुसमुंडा खदान के भीतर प्रभावित गांव के ग्रामीण घुस चुके हैं। इस दौरान आंदोलन नेतृत्व करने वाले 16 प्रमुखों को जेल की हवा खानी पड़ी थी।