अंग्रेजों से लोहा लेने वाले जांबाज का 109 साल बाद हुआ अंतिम संस्कार,
लागुड़ दादा अमर रहे के जयकारों से गूंज उठा सामरी

बलरामपुर। जिले में 100 साल से भी अधिक लंबे इंतजार के बाद जो हो पाया वह इतिहास के पन्नों में शुमार हो गया । ब्रिटिश काल के दौरान अंग्रेजों से…