GJ : सोमनाथ को ध्वस्त करने की मंशा लेकर आए आततायी इतिहास के पन्नों में सिमटे -नरेंद्र मोदी, बोले प्रधानमंत्री – सोमनाथ मंदिर की 1000 सालों का सफर विजय और पुनर्निर्माण की यात्रा …

अहमदाबाद । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी में रविवार को गुजरात दौरे सोमनाथ मंदिर की 1000 सालों के सफर को विजय और पुनर्निर्माण की यात्रा बताया है। पीएम मोदी ने साेमनाथ स्वाभिमान पर्व के तरह आयोजित शौर्य यात्रा में शामिल होने के बाद मंदिर में महापूजा की।

इसके बाद उन्होंने सोमनाथ में एक बड़े जनसमूह को संबोधित किया। पीएम मोदी ने कहा कि सोमनाथ के नष्ट करने की बार-बार कोशिश की गई लेकिन तलवार की नोंक पर हुई कोशिशें हर बार हर गईं। उन्होंने कहा आज भी सोमनाथ भव्यता के साथ विराजमान हैं, जबकि मजहबी आंतकी इतिहास के पन्नों में सिमट गए। पीएम मोदी ने कहा कि आज का दिन हमारे-आपके पुरखों की साहस और बलिदान को याद करने का दिन है।

👉मस्जिद बनाने की कोशिश की

पीएम मोदी ने कहा कि गजनी को लगा था कि उसने सोमनाथ मंदिर के वजूद को मिटा दिया, लेकिन 12 शाताब्दी में पुनर्निर्माण हुआ। फिर अलाउद्दीन खिलजी ने आक्रामण किया। 14वी शब्तादी में जूनागढ़ के राजा ने पुनर्निर्माण किया। 14वीं शताब्दी में आक्रामण किया। फिर सुल्तान अहमद शाह ने दुस्साहस किया। फिर सुल्तान महमूद वेगड़ा ने मंदिर को मस्जिद बनाने की कोशिश की। 17वीं और 18वीं शताब्दी में औरंगजेब का दौरा आया। उसने मंदिर को अपवित्र करने की कोशिश तो अहित्याबाई होलकर ने मंदिर बना दिया। सोमनाथ का इतिहास का विजय और पुनर्निर्माण का है।

👉सोमनाथ के नाम में ही अमृत है

पीएम मोदी ने कहा कि जब महमूद गजनी से लेकर औरंगजेब हमले कर रहे थे तब वे भूल गए थे कि सोमनाथ के नाम में सोम यानी अमृत है। ऐसे में जब जब इसे नष्ट करने की कोशिश हुई तो साेमनाथ मंदिर उठ खड़ हुआ। पीएम मोदी ने कहा कि मजहबी आततायी इतिहास के पन्नों में सिमट गए तो वहीं साेमनाथ मंदिर आज भी स्वाभिमान से खड़ा है। सोमनाथ में विराजमान महादेव, उनका एक नाम मृत्युंजय भी है, मृत्युंजय जिसने मृत्यु को भी जीत लिया, जो स्वयं काल स्वरूप है। पीएम मोदी ने आगे कहा कि भारत के पास सोमनाथ जैसे हजारों साल पुराने पुण्य स्थल हैं। ये स्थल हमारे सामर्थ्य, प्रतिरोध और परंपरा के पर्याय रहे हैं। लेकिन दुर्भाग्य से आज़ादी के बाद, गुलामी की मानसिकता वाले लोगों ने इनसे पल्ला झाड़ने का कोशिश की। उस इतिहास को भुलाने के कुत्सित प्रयास किए गए।

👉कांग्रेस को निशाने पर लिया

पीएम मोदी ने कहा कि तुष्टिकरण के ठेकेदारों ने इस कट्टरपंथी सोच के आगे घुटने टेके। जब भारत गुलामी की बेड़ियों से मुक्त हुआ, जब सरदार वल्लभभाई पटेल ने सोमनाथ के पुनर्निर्माण की शपथ ली, तो उन्हें भी रोकने की कोशिश की गई। 1951 में, भारत के तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. राजेन्द्र प्रसाद के यहां आने पर भी आपत्ति जताई गई। पीएम मोदी ने सोमनाथ स्वाभिमान पर्व में मौजूद लोगों से अपील की कि वे इस स्वाभिमान को जन जन तक पहुंचाएं और जागरूकता जगाए। उन्होंने कहा कि मैं भाग्यशाली हू कि मुझे सोमनाथ ट्रस्ट के अध्यक्ष के तौर पर इस मौके पर शामिल होने का अवसर मिला। पीएम मोदी ने कहा कि सोमनाथ स्वाभिमान पर्व करोड़ों-करोड़ भारतीयों की शाश्वत आस्था, साधना और अटूट संकल्प का जीवंत प्रतिबिंब है। पवित्र श्री सोमनाथ मंदिर में इस महापर्व का सहभागी बनना मेरे जीवन का अविस्मरणीय और अमूल्य क्षण है।