रायपुर | छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल (हाउसिंग बोर्ड) ने अपनी आवासीय कॉलोनियों के प्रबंधन में क्रांतिकारी बदलाव की तैयारी कर ली है। अब बोर्ड की कॉलोनियों के रख-रखाव और संधारण की जिम्मेदारी सीधे वहां के नागरिकों को सौंपी जाएगी।
हाउसिंग बोर्ड ने निर्णय लिया है कि चरणबद्ध तरीके से कॉलोनियों का प्रबंधन रेसिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) को हस्तांतरित किया जाएगा। यह पूरी प्रक्रिया 31 मार्च 2026 तक अनिवार्य रूप से पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है।
👉32 कॉलोनियों से होगी शुरुआत, आयुक्त ने दिए निर्देश

हाउसिंग बोर्ड मुख्यालय में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान आयुक्त श्री अवनीश कुमार शरण ने इस संबंध में विस्तृत निर्देश जारी किए। प्रथम चरण में प्रदेश की 32 प्रमुख कॉलोनियों को चुना गया है। आयुक्त ने स्पष्ट किया कि जिन कॉलोनियों का अब तक स्थानीय निकायों (नगर निगम आदि) को हस्तांतरण नहीं हुआ है, वहां प्राथमिकता के आधार पर RWA का गठन किया जाएगा।
👉स्वामित्व और जिम्मेदारी का नया अध्याय
बैठक में आयुक्त श्री शरण ने कहा कि जब कॉलोनी के निवासी स्वयं प्रबंधन से जुड़ते हैं, तो सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होता है और लोगों में स्वामित्व की भावना जागती है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि: सभी संबंधित कॉलोनियों में RWA का गठन अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करें।
उपायुक्त और कार्यपालन अभियंता रहवासियों के साथ बैठक कर उन्हें मार्गदर्शन दें।
हस्तांतरण की प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और विधिसम्मत बनाया जाए।
👉कानूनी और व्यावहारिक पक्ष
बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल अधिनियम और RERA (रेरा) के प्रावधानों के तहत, परियोजना पूर्ण होने के बाद संधारण की जिम्मेदारी निवासियों को सौंपना एक वैधानिक दायित्व है। इस पहल से न केवल बोर्ड का प्रशासनिक बोझ कम होगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर समस्याओं का निराकरण भी तेजी से हो सकेगा।
“यह पहल नागरिक सहभागिता और स्वशासन की दिशा में एक बड़ा कदम है। इससे कॉलोनियों के बेहतर रखरखाव के साथ-साथ सामुदायिक प्रबंधन को मजबूती मिलेगी।” —
अवनीश कुमार शरण, आयुक्त, छ.ग. हाउसिंग बोर्ड
