0 कहा-जांच अधिकारी पर तय करें जिम्मेदारी
कोरबा। शहर के बहुचर्चित पाम मॉल में जमीन की अफरा-तफरी के मामले में कोरबा एसपी से हाईकोर्ट ने व्यक्तिगत हलफनामा पेश करने को कहा है। न्यायालय के आदेश के बावजूद जांचकर्ता पुलिस अधिकारी के द्वारा बरती जा रही उदासीनता व धीमी जांच से क्षुब्ध होकर हाईकोर्ट में रिट पिटिशन दायर किया गया जिस पर डबल बेंच ने आदेश दिया है।

मामले के याचिकाकर्ता अंकित सिंह के हाईकोर्ट में खुद पेश होकर बताया किउनकी मां श्रीमती अरुणिमा सिंह ने 22.12.2020 को भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 465, 467, 468 और 471 के तहत अपराध संख्या 1085/2020 में अज्ञात लोगों के खिलाफ FIR कोतवाली थाना में दर्ज कराई थी। पुलिस द्वारा जांच के बाद न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, कोरबा के सामने एक क्लोजर रिपोर्ट दायर की गई थी, और याचिकाकर्ता के साथ-साथ उनकी मां के बयान दर्ज किए गए थे। उक्त क्लोजर रिपोर्ट को 10.11.2025 के आदेश द्वारा खारिज कर दिया गया, और आगे की जांच का निर्देश दिया गया। हालांकि, उक्त आदेश के बावजूद, सरकारी वकील से मिले निर्देशों के अनुसार जांच अभी भी लंबित है।
👉 चीफ जस्टिस ने दिए निर्देश

अंकित सिंह व सरकारी वकील की दलील को सुनने के उपरांत चीफ जस्टिस ने इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए कहा कि- मामला वर्ष 2020 का है,की एक क्लोजर रिपोर्ट दायर की गई थी और बाद में न्यायिक मजिस्ट्रेट, प्रथम श्रेणी, कोरबा द्वारा खारिज कर दी गई, जिन्होंने 10.11.2025 के आदेश द्वारा आगे की जांच का निर्देश दिया था, और यह कि जांच आज तक पूरी नहीं हुई है, संबंधित पुलिस अधीक्षक को निर्देश दिया जाता है कि वे अपना व्यक्तिगत हलफनामा दायर करें, जिसमें न्यायिक मजिस्ट्रेट, कोरबा द्वारा 10.11.2025 को पारित आदेश के बावजूद जांच पूरी न होने के कारणों को स्पष्ट करें, और जांच अधिकारी पर जिम्मेदारी तय करें।
