👉 क्या वे इस लायक नहीं कि कार्ड में आतिथ्य पा सकें
👉 प्रदेश मंत्री ऋतु चौरसिया भी कोरबा की,लेकिन उन्हें भी आतिथ्य नहीं,पूर्व अध्यक्षों को भी स्थान नहीं
👉 खुद आयोजक ही शामिल हो गए विशिष्ट अतिथि की सूची में
कोरबा। कोरबा जिला भारतीय जनता पार्टी के लिए 2 फरवरी 2026 का दिन विशेष और ऐतिहासिक होने जा रहा है। जिला भाजपा कार्यालय पंडित दीनदयाल कुंज के स्थान पर अब नया जिला कार्यालय अटल स्मृति भवन के नाम से तैयार होगा जिसकी नींव ग्राम रिसदी जिला पुलिस लाइन के सामने रखी जाएगी।
प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मुख्य आतिथ्य में यह गरिमामय आयोजन होना है जिसकी तैयारी में जिला संगठन जोर-शोर से लगा हुआ है। जिला अध्यक्ष होने के नाते निःसंदेह गोपाल मोदी के लिए यह उनके कार्यकाल का स्वर्णिम अवसर भी होगा और जब-जब नए कार्यालय की बात आएगी, गोपाल मोदी के नेतृत्व को याद किया जाएगा। लेकिन, इस गरिमामय आयोजन में जिला संगठन ने उस शख्स को ही बिसरा दिया जिसके सहयोग व वर्षों की मेहनत से भारतीय जनता पार्टी जिले में मजबूती से स्थापित हुई।
जी हां, वह नाम है देश के वरिष्ठतम भाजपा नेताओं में शुमार आदिवासी नेता ननकी राम कंवर का। ननकीराम हालांकि ऐसे अकेले शख्स नहीं हैं जिन्होंने संगठन को आगे बढ़ाया बल्कि वे अविभाजित मध्य प्रदेश के अविभाजित बिलासपुर जिले के कोरबा छोटे से कस्बे में आरएसएस व जनसंघ के जमाने से अपने आप को समर्पित कर विचारधारा को आगे बढ़ाते हुए भारतीय जनता पार्टी की साख को ऊंचा करने के लिए समर्पित होकर कार्य करते रहे और आज भी करते आ रहे हैं। यह अलग बात है कि उनके बेबाकी को सहन कर पाना हर किसी के बस की बात नहीं और शायद यही वजह है कि वह अब हाशिए पर डाले जा रहे हैं।
👉 ननकी राम न ऋतु चौरसिया…?
‘अटल स्मृति भवन’ का भूमि पूजन के लिए छपवाए गए आमंत्रण पत्र में ननकीराम कंवर दूर-दूर तक नहीं हैं।उन्हें अति विशिष्ट तो दूर विशिष्ट अतिथि की सूची में भी शामिल नहीं किया गया है। कोरबा में ही छत्तीसगढ़ की प्रदेश भाजपा मंत्री सुश्री रितु चौरसिया भी रहती हैं, उनके पिता स्व. आर के चौरसिया ने भी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को अपना जीवन समर्पित किया लेकिन इस कार्ड में ऋतु चौरसिया भी गायब हैं। दूसरी तरह आश्चर्यजनक तरीके से जिला अध्यक्ष गोपाल मोदी जो कि पूरे कार्यक्रम के आयोजक हैं और संगठन के मुखिया भी, उन्होंने खुद को विशिष्ट अतिथि की सूची में शामिल कर लिया है। अब भला आयोजक ही अतिथि बनने को लालायित होगा तो पार्टी की नींव को कहां से स्थान मिलेगा…? इसी तरह जब दूसरे जिले में पूर्व् जिलाध्यक्ष भी कार्ड में शामिल हैं कोरबा में एक पायदान पूर्व् अध्यक्ष को भी शामिल नहीं किया गया।
👉 जिला भाजपा इतिहास पर एक नजर
अगर कोरबा की भाजपा राजनीति के इतिहास पर नजर डालें (एक वरिष्ठ के बताए अनुसार) तो लगभग 1965 के आसपास पंडित हरिराम शर्मा, नंदकिशोर गोयल, श्री माहुलीकर, शंकर अग्रवाल (बनवारी लाल अग्रवाल के बड़े भाई), दुलीचंद केडिया जैसे नामचीन लोगों ने जनसंघ/आरएसएस की विचारधारा को आगे बढ़ाने का काम किया। इनके साथ-साथ रामकुमार टमकोरिया, डॉ. बंशीलाल महतो, बनवारी लाल अग्रवाल और ननकीराम कंवर भी इनके साथ हो लिए। जनसंघ के बाद भारतीय जनता पार्टी का उदय हुआ और राजनीतिक पार्टी को आगे बढ़ाने में सभी की भूमिका को किसी भी सूरत में नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। इन सभी विभूतियों की अब स्मृतियां शेष रह गई हैं, एकमात्र ननकी राम कंवर आज भी पार्टी की सेवा में लगे हैं।
अब जब बात भाजपा के नए कार्यालय की नींव का पत्थर रखे जाने की हो रही है तब ननकी राम कंवर जैसे नींव को एक आम कार्यकर्ता की तरह निमंत्रण देने मात्र की श्रेणी में रखा जाना, आमंत्रण कार्ड में किसी भी अतिथि के तौर पर स्थान न देना आखिर जिला संगठन की किस मानसिकता को दर्शाता है! इस बात की चर्चा छिड़ी हुई है।
👉 ननकीराम की राजनीतिक यात्रा जारी

👉बाल्यावस्था से राष्ट्रीय स्वयं सेवक के रूप में कार्य करते हुए जनसेवा का कार्य करने के लिए अविभाजित म.प्र. शासन में पहली बार सन् 1972 में जनसंघ पार्टी से चुनाव लड़ने का मौका मिला।
👉सन् 1977 में अविभाजित म.प्र. शासन में रामपुर विधानसभा
से चुनाव जीतकर संस्दीय सचिव का पद संभाला, सुंदरलाल पटवा की सरकार में राजस्व विभाग की जिम्मेदारी दी गई थी।
👉सन् 1990 में अविभाजित म.प्र. शासन के समय रामपुर विधानसभा से जीतकर विधायक बने और पार्टी ने कृषि वन व सहकारिता विभाग का मंत्री बनाया। उस समय कृषि विभाग में सकल घरेलु उत्पाद को बढ़त कराते हुए 27 प्रतिशत तक किया गया था जो आज के समय में 18 प्रतिशत के आसपास है।
👉 सन् 1992 में जनशक्ति नियोजन विभाग का मंत्री बनाकर सेवा का मौका दिया गया। उस समय मध्यप्रदेश के अंतर्गत आने वाले सभी महाविद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों के हित को ध्यान में रखते हुए रैगिंग जैसे अपराध को पूर्ण रूप से बंद कराकर मिशाल कायम कराया गया था जिससे भयमुक्त होकर बच्चे आसानी से शिक्षा अर्जन करते थे।
👉 सन् 2003 से 2008 तक छत्तीसगढ़ विभाजन पश्चात कृषि, पशु, मत्स्य, सहकारिता, विधि विधायी, राजस्व, पुर्नविभाग, वन, खाद्य जैसे महत्वपूर्ण विभाग में मंत्री बनाया। उस समय इनके द्वारा पी.डी.एस. वितरण प्रणाली को ठीक किया जिसको देखने व समझने के लिए अन्य प्रदेशों से अधिकारी व मंत्री छत्तीसगढ़ आए समझे और उन्हें अपने प्रदेशों में भी चालु कराया गया।
👉 सन् 2005 में पशुपालन मंत्री रहते हुए गौवंश की रक्षा हेतु पशु परीरक्षण अधिनियम 2005 लागु कराया गया, प्रदेश में बुचड़ खाना बंद कराया गया, और इस अधिनियम के तहत पुरे भारत का पहला प्रदेश बना जहां बुचड़ खाना खोलना और चलाना प्रतिबंधित कर दिया गया।
👉सन् 2008 से 2013 के कार्यकाल में रामपुर विधानसभा से विधायक रहे। गृह, जेल, एवं सहकारिता जैसे महत्वपूर्ण विभाग का मंत्री बनाया। उस समय गृहमंत्री रहते अपराध में कमी आई थी और लोगों का विश्वास कानून के प्रति बढ़ा था।
👉सन् 2018 से 2023 में रामपुर विधायक बने। उस समय छत्तीसगढ़ प्रदेश में कांग्रेस की सरकार थी।कांग्रेस की सरकार के द्वारा किये गये भ्रष्टाचार को लगातार विधानसभा एवं भारत सरकार को पत्राचार लिखकर अवगत कराते रहे और भ्रष्टाचार को नियंत्रण करने के लिये कार्य किया। प्रमुख रूप से छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग भर्ती घोटाला, आबकारी विभाग में शराब घोटाला, महादेव ऐप सट्टा घोटाला, जिला खनिज न्यास मद में घोटाला, कोयला घोटाला, राष्ट्रीय राजमार्ग मुआवजा वितरण में घोटाला व भारत सरकार के अन्य मद में किये गये घोटाला को भारत सरकार और ई.डी. जैसे विभागों को समय-समय पर पत्राचार कर अवगत कराया जिससे लगातार कार्यवाही होने से छत्तीसगढ़ प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की पूर्ण बहुमत की सरकार बन सकी है।
