कोल इंडिया में नेतृत्व परिवर्तन ,SECL के CMD को WCL की अतिरिक्त जिम्मेदारी ….

दिल्ली। कोयला मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा जारी आदेश के अनुसार, साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक (सीएमडी) हरीश दुहन को वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (डब्ल्यूसीएल) के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। यह अतिरिक्त जिम्मेदारी 01 फरवरी 2026 से प्रभावी होगी, जो प्रारंभिक रूप से तीन माह अथवा आगामी आदेश तक, जो भी पहले हो, लागू रहेगी।

👉नेतृत्व में एसईसीएल की उल्लेखनीय प्रगति

हरीश दुहन ने 27 मार्च 2025 को एसईसीएल के सीएमडी का पदभार ग्रहण किया था। उनके नेतृत्व में कंपनी ने भू-अधिग्रहण, गुणवत्तापूर्ण कोयला उत्पादन, पर्यावरण-अनुकूल खनन और महिला सशक्तीकरण जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ हासिल की हैं। उनके मार्गदर्शन में एसईसीएल देश की पहली कोल पीएसयू बनी, जिसने भूमिगत खदानों में पेस्ट-फिल तकनीक को अपनाया। साथ ही, अप्रैल 2025 से अब तक 250 हेक्टेयर से अधिक भूमि का पजेशन प्राप्त कर मेगा परियोजनाओं के लिए उत्पादन क्षमता को मजबूती दी गई है। महिला सशक्तीकरण की दिशा में भी एसईसीएल ने नई मिसाल कायम की है। कोल इंडिया की पहली पूर्णतः महिला-संचालित डिस्पेंसरी और ऑल-वूमेन सेंट्रल स्टोर यूनिट की शुरुआत की गई है।

👉34 वर्षों का समृद्ध अनुभव

श्री दुहन को कोयला खनन क्षेत्र में 34 वर्षों से अधिक का अनुभव प्राप्त है। उन्होंने नागपुर विश्वविद्यालय से माइनिंग इंजीनियरिंग में स्नातक किया है। वर्ष 1989 में उन्होंने डब्ल्यूसीएल से अपने करियर की शुरुआत की थी। उनके पास फर्स्ट क्लास माइन मैनेजर सर्टिफिकेट और प्रबंधन में स्नातकोत्तर डिप्लोमा भी है। अपने करियर के दौरान वे सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (सीसीएल) में निदेशक (तकनीकी-संचालन), नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एनसीएल) की निगाही परियोजना में एरिया जनरल मैनेजर, तथा कॉर्पोरेट प्रोजेक्ट प्लानिंग विभाग में महाप्रबंधक जैसे अहम पदों पर कार्य कर चुके हैं। पर्यावरण-हितैषी फर्स्ट माइल कनेक्टिविटी, डिजिटलीकरण और सौर ऊर्जा परियोजनाओं के क्षेत्र में उनके अनुभव को देखते हुए, डब्ल्यूसीएल में भी उनके नेतृत्व से कार्यकुशलता और सतत विकास को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।